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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 04, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्‍तराखंड बजट अभिभाषण में झलकी मिशन 2022 की रणनीति

By Sunil NegiEdited By:
Published: Wed, 04 Mar 2020 08:07 AM (IST)

अपना चौथा बजट पेश करने जा रही सरकार ने 2022 में होने वाली चुनावी जंग की चुनौती को ध्यान में रखकर बजट अभिभाषण से सधे ढंग से शुरुआत की है।

उत्‍तराखंड बजट अभिभाषण में झलकी मिशन 2022 की रणनीति
उत्‍तराखंड बजट अभिभाषण में झलकी मिशन 2022 की रणनीति

देहरादून, रविंद्र बड़थ्वाल। 2022 में होने वाली चुनावी जंग में सरकार को विपक्ष की कड़ी चुनौती मिलना तय है। इसका पूरा अहसास त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार को है। अपना चौथा बजट पेश करने जा रही सरकार ने इस चुनौती को ध्यान में रखकर बजट अभिभाषण से सधे ढंग से शुरुआत की है। विपक्ष की रणनीति भांपने की कोशिश में जुटी सरकार ने जवाबी प्रहार में ई-गवर्नेंस व डिजिटल तकनीक के जरिए सुशासन और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस को आगे भी प्राथमिकता में रखा। साथ में किसानों, महिलाओं, कारोबारियों, युवाओं, दिव्यांगों, वृद्ध, निराश्रित समेत सभी तबकों को भरोसा बंधाया है। सभी सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर, फर्नीचर व अन्य जरूरी सुविधाएं जुटाने, उद्योगों व स्टार्टअप के लिए पुरसुकून माहौल बनाकर रोजगार व स्वरोजगार जैसे लक्ष्य निर्धारित कर सरकार ने भावी जंग के लिए अभी से कमर कसने के संकेत दे दिए है।

तीन साल पूरे करने जा रही त्रिवेंद्र सरकार का फोकस ई-गवर्नेंस पर ज्यादा है। बीते एक वर्ष में सरकार ने यह कार्य और शिद्दत से किया है। राज्यपाल अभिभाषण में सरकार ने अपनी आगे की योजना का खाका सामने रखा है। दरअसल, छोटे राज्य में विषम परिस्थितियां विकास योजनाओं की राह में भी अड़ंगा साबित हो रही हैं। ऐसे में डिजिटल तकनीक सरकारी कामकाज में तेजी लाने के साथ ही उनकी मॉनीटरिंग में भी मददगार साबित हो रही है। यह तकनीक ही अब सुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सक्रियता के मामले में सरकार की ढाल भी बन गई है। 

बेरोजगारी के मोर्चे पर विपक्ष लंबे अरसे से सरकार को घेर रहा है। इसका जवाब राज्य में पूंजी निवेश को लेकर बढ़ रहे उत्साह और नए उद्योगों के जरिए आने वाले रोजगार को सामने रखकर दिया गया। इसके साथ ही विकास को लेकर अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं को भी अभिभाषण में तरजीह दी गई है। राज्य स्तर पर सतत विकास लक्ष्य-2030 निर्धारित कर चुकी सरकार ने अब जिलों पर फोकस किया है। जिलों को भी गरीबी उन्मूलन, शिशु मृत्युदर, कुपोषण समेत तमाम मानकों को पूरा कर विकास की कार्ययोजना तय करने को कहा गया है। अगले वित्तीय वर्ष में यह कार्य सरकार की प्राथमिकता में रहेगा।

केंद्र की मोदी सरकार की प्रमुख योजनाओं में किसानों की आय दोगुना करने, सबको आवास, पानी और सुचारू बिजली आपूर्ति के साथ ही ऊर्जा के वैकल्पिक उपायों को बढ़ावा देने वाली केंद्रपोषित योजनाओं को राज्य सरकार ने अंजाम तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया है।

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अभिभाषण के प्रमुख बिंदु

  • ई-डिस्ट्रिक्ट -2 का नवीन संस्करण विकसित करने का लक्ष्य
  • जिला, ब्लॉक मुख्यालय, ग्राम पंचायत, तहसील मुख्यालय, पुलिस मुख्यालय, परिवहन कार्यालयों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ना
  • राज्य के हर जिले में एक-एक गांव को ऊर्जा दक्ष ग्राम के तौर पर विकसित करेंगे
  • देहरादून व हरिद्वार में सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापना का कार्य युद्धस्तर पर
  • प्रदेश में औद्योगिक भांग की खेती को स्वरोजगार के तौर पर बढावा
  • राज्य में प्रथम ट्राउट ब्रूड बैँक की स्थापना कार्य तेज, पर्वतीय क्षेत्र में 2500 से 7500 तक रोजगार
  • विश्वविद्यालय परिसरों में छात्रों के बहुआयामी विकास को ईएसए लैंगुएज लैब का होगा गठन
  • पर्यावरण सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता, वन, वन्यजीव, पर्यावरणीय निष्पादन सूचकांक पर जोर
  • किसानों को वृद्धावस्था पेंशन के लिए पंजीकृत करने की कार्यवाही 

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