राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड के सभी अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की मूर्ति लगाई जाएगी। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने इन विद्यालयों में शिक्षकों व प्रधानाचार्यों की तैनाती के लिए नियमावली तैयार करने के निर्देश दिए। प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता के लिए सरकार 188 राजकीय इंटर कालेजों का अटल उत्कृष्ट योजना में चयन कर चुकी है। हर ब्लाक में दो-दो विद्यालयों का चयन किया गया है। हरिद्वार जिले के दो ब्लाक खानपुर और नारसन में दो-दो के बजाय सिर्फ एक-एक विद्यालय चयनित हुए हैं। 

शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बताया कि सोमवार को विभागीय बैठक में अटल उत्कृष्ट विद्यालयों के लिए सीबीएसई से मान्यता लेने का काम जल्द पूरा करने को कहा गया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अभी सीबीएसई का आनलाइन पोर्टल पर यह प्रक्रिया अभी संपन्न नहीं हो रही है। विद्यालयों को दिए 1.16 करोड़ उन्होंने बताया कि इन विद्यालयों को पहले चरण में साज सज्जा एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने को बजट दिया जा रहा है। अब तक इस कार्य के लिए एक करोड़ 16 लाख 70 हजार रुपये दिए गए हैं। 

शौचालयों के निर्माण को भी 33.60 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं। अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की यूनिफार्म तय की जा रही है। शिक्षकों के लिए भी ड्रेस निर्धारित की जाएगी। वाणिज्य विषय के पदों के सृजन को कार्यवाही को कहा गया है। उन्होंने बताया कि सीबीएसई के मानकों के अनुसार क्षेत्रीय विभूतियों के नाम पर विद्यालयों का नामकरण किया जाएगा।

स्क्रीनिंग टेस्ट से शिक्षकों का चयन

शिक्षा मंत्री ने बताया कि उक्त विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती सरकारी शिक्षकों में से होगी। इसमें चयन स्क्रीनिंग टेस्ट के माध्यम से होगा। अंग्रेजी बोलने-लिखने और पढ़ाने में दक्ष शिक्षकों को चयन में प्राथमिकता मिलेगी। केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर अटल उत्कृष्ट विद्यालयों के संचालन को दिग्दर्शिका तैयार की जाएगी। विभाग को इसकी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

रिक्त पदों पर पदोन्नति जल्द

उन्होंने राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित भूगोल प्रवक्ताओं की तैनाती के संबंध में भी निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों के सभी संवर्गों, प्रधानाध्यापकों, प्रधानाचार्यों के रिक्त पदों के साथ ही शिक्षाधिकारियों के रिक्त पदों पर पदोन्नति जल्द करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभारी बीईओ के रूप में कार्यरत अधिकारियों की पदोन्नति की पत्रावली को मंजूरी प्रदान की। प्रदेश में सरकारी विद्यालयों का मुआयना अब डायट (जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान) प्राचार्य भी करेंगे। सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों की गृह जिले में तैनाती के लिए विभाग को कार्ययोजना बनाने को कहा गया है।

साक्षरता मिशन को दोबारा स्थापित करने और इसके तहत बजट को समग्र शिक्षा के स्थान पर मिशन के खाते में लाने को कार्यवाही के निर्देश दिए गए। शिक्षकों से वसूली रोकने के निर्देश शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने बताया कि एक जनवरी 2006 के बाद पदोन्नत शिक्षकों को छठे वेतनमान में 17140 का वेतनमान देने और फिर इसकी वसूली पर विभागीय अधिकारियों के साथ चर्चा हुई। शिक्षकों से वसूली रोकने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक चयन व प्रोन्नत वेतनमान में एक वेतनवृद्धि देने का मामला शासन स्तर पर लंबित है। इस बारे में वित्त से विचार-विमर्श कर विभाग कार्यवाही करेगा।

स्टंटबाजी से बाज आए आप-पांडेय

आम आदमी पार्टी की ओर से प्रदेश के सरकारी स्कूलों की दशा को प्रदर्शनी के माध्यम से उजागर करने पर शिक्षा मंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में बंद पड़े स्कूलों की सेल्फी लेकर प्रदर्शन लगा रही आप पार्टी को चुनावी स्टंटबाजी से बाज आना चाहिए। शिक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठने की जरूरत है। 

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