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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 01, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए विधायकों ने अब तक लगाए 350 सवाल

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Published: Sat, 01 Dec 2018 03:00 AM (IST)Updated: Sat, 01 Dec 2018 10:52 AM (IST)

विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए विधायकों ने अभी तक 350 प्रश्न लगाए हैं। इसमें 320 तारांकित-अतारांकित और 30 अल्पसूचित प्रश्न हैं।

विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए विधायकों ने अब तक लगाए 350 सवाल
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए विधायकों ने अब तक लगाए 350 सवाल

राज्य ब्यूरो, देहरादून। विधानसभा के चार दिसंबर से प्रारंभ होने वाले शीतकालीन सत्र के लिए विधायकों ने अभी तक 350 प्रश्न लगाए हैं। इसमें 320 तारांकित-अतारांकित और 30 अल्पसूचित प्रश्न हैं। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने शुक्रवार को विधानसभा में सत्र के दौरान सुरक्षा समेत विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी।

विस अध्यक्ष अग्रवाल ने बताया कि 107 याचिकाएं भी प्राप्त हुई हैं। इसमें उत्तराखंड विधानसभा की नियम समिति द्वारा दिए गए प्रावधान के अनुसार सत्र के प्रत्येक दिन एक विधायक की तीन याचिकाएं स्वीकृत की जाएंगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं व्यवस्था अधिनियम) संशोधन अधिनियम-2018 अध्यादेश को सदन के पटल पर रखा जाएगा।

इससे पहले विस अध्यक्ष ने अधिकारियों के साथ बैठक कर शीतकालीन सत्र के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था और आनुषांगिक व्यवस्थाओं को लेकर विमर्श किया। इस दौरान विस परिसर के अंदर व सभामंडप में जारी प्रवेश पत्र एवं सुरक्षा चेकिंग के संबंध में चर्चा की गई। यह भी तय हुआ कि वाहनों की पार्किंग चिह्नित स्थानों पर ही होगी। इसके अलावा अग्निशमन दल, चिकित्सा विभाग की ओर से दवा व एंबुलेंस की व्यवस्थाएं, बिजली-पानी की सुचारू व्यवस्था के संबंध में भी निर्देश दिए गए। 

विस अध्यक्ष ने अधिकारियों से पिछले सत्रों की तरह सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि सत्र के दौरान कोई व्यवधान न हो, इसके लिए सभी विभाग पहले से ही तैयारियां कर लें। बैठक में सचिव विधानसभा जगदीश चंद्र, डीजीपी अनिल रतूड़ी, एडीजी अशोक कुमार, वी विनय कुमार, मंडलायुक्त शैलेश बगोली, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, राज्य संपत्ति अधिकारी बंशीधर तिवारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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