Uttarakhand News: अब इस नाम से जाने जाएंगे सोशल वर्कर, जारी हुआ आदेश
उत्तराखंड सरकार ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत मेडिकल सोशल वर्कर के पदनाम को बदलकर मेडिकल सोशल वेलफेयर ऑफिसर कर दिया है। चिकित्सा शिक्षा सचिव ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। कर्मचारियों ने इस फैसले का स्वागत किया है उनका मानना है कि इससे संस्थान में उनका महत्व और गरिमा बढ़ेगी। यह बदलाव मरीजों को सामाजिक मानसिक और आर्थिक सहयोग प्रदान करने में भी मददगार साबित होगा।

जागरण संवाददाता, देहरादून। राज्य सरकार ने राजकीय मेडिकल कालेजों में कार्यरत मेडिकल सोशल वर्कर संवर्ग के कर्मचारियों के पदनाम में बदलाव किया है। अब ये कर्मचारी मेडिकल सोशल वेलफेयर ऑफिसर कहलाएंगे। चिकित्सा शिक्षा सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। जिसके बाद अब निदेशालय ने भी सभी मेडिकल कॉलेजों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश और अन्य मेडिकल कॉलेजों में यह पदनाम पहले ही बदल चुका था। उत्तराखंड में भी लंबे समय से पदनाम परिवर्तन की मांग उठ रही थी। आदेश जारी होते ही कर्मचारियों ने खुशी व्यक्त करते हुए सरकार का आभार जताया।
पदनाम परिवर्तन से संस्थान में कर्मचारियों की अहमियत और गरिमा बढ़ेगी। मेडिकल कालेजों के विभिन्न विभागों में कार्यरत ये अधिकारी अपने आवंटित कार्यदायित्वों के साथ-साथ सोशल वेलफेयर से जुड़े अन्य दायित्व भी निभाएंगे।
कर्मचारियों का कहना है कि मेडिकल कालेजों में यह पद उच्चतर शैक्षिक योग्यता से जुड़ा है। नई पहचान मिलने से संवर्ग की भूमिका और अधिक सशक्त होगी।
अधिकारियों का मानना है कि निश्चित रूप से यह संवर्ग मरीजों और उनके स्वजन को सामाजिक, मानसिक एवं आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने और रोगियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने में अहम योगदान देगा।
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