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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Dehradun Accident Update: इनोवा हादसे में हुई थी छह युवाओं की मौत, अब घायल के पिता ने दर्ज कराया मुकदमा

Published: Sat, 16 Nov 2024 08:14 AM (IST)

Dehradun Accident Update News 11 नवंबर की देर रात ओएनजीसी चौक पर इनोवा के कंटेनर से टकराने से छह युवाओं ...और पढ़ें

Dehradun Accident: हादसे के मृतकों की फाइल फोटो।
Dehradun Accident: हादसे के मृतकों की फाइल फोटो।

HighLights

  1. तेज रफ्तार इनोवा कार रात में कंटेनर में घुसी थी
  2. भीषण हादसे में छह युवक−युवतियों की हुई थी मौत

जागरण संवाददाता, देहरादून। ओएनजीसी चौक पर 11 नवंबर की देर रात हुई भीषण दुर्घटना में छह युवाओं की मौत के चार दिन बाद कैंट पुलिस ने कंटेनर चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा इस दुर्घटना में जीवित बचे एकमात्र घायल सिद्धेश अग्रवाल के पिता की तहरीर के आधार पर हुआ है।

बता दें कि, ओएनजीसी चौक पर इनोवा कार एक कंटेनर के पीछे टकराने के बाद पेड़ में जा घुसी थी, जिसमें कार सवार सिद्धेश के छह दोस्तों की मौत हो गई थी। इनमें तीन युवतियां भी शामिल हैं। सिद्धेश का सिनर्जी अस्पताल में उपचार चल रहा। घटना के बाद कंटेनर चालक वाहन को स्टार्ट हालत में छोड़कर फरार हो गया था।

राजपुर रोड निवासी सिद्धेश के पिता विपिन कुमार अग्रवाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 11 नवंबर की रात को उनका बेटा अपने दोस्तों के साथ बल्लूपुर चौक से इनोवा कार से कौलागढ़ चौक की ओर जा रहा था। आरोप है कि इसी दौरान एक कंटेनर उनके सामने आ गया, जो जर्जर हालत में था। कंटेनर से टकराने के बाद कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

फरार चालक की तलाश जारी

कैंट कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक केसी भट्ट ने बताया कि तहरीर के आधार पर कंटेनर के अज्ञात चालक पर लापरवाही से वाहन चलाने का मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना के बाद से ही चालक फरार चल रहा है, जिसकी तलाश की जा रही है।

खतौली निवासी एक व्यक्ति ने खरीद लिया था कंटेनर

प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि जिस कंटेनर (एचआर-55-जे-4348) के कारण दुर्घटना हुई थी, वह परिवहन विभाग के रिकार्ड में बीआरसी लाजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड गुरुग्राम हरियाणा के नाम पर दर्ज है। कंटेनर 12 अगस्त-2009 को गुरुग्राम आरटीओ में पंजीकृत हुआ था, जिसकी फिटनेस 16 अगस्त-2013 को समाप्त हो गई थी।

कंटेनर का टैक्स 31 मार्च-2015 और बीमा भी 10 साल पहले समाप्त हो चुका है। यह जानकारी भी मिली है कि कंपनी ने यह कंटेनर खतौली निवासी एक व्यक्ति को बेच दिया था, लेकिन रिकार्ड में वाहन स्वामी का नाम परिवर्तित नहीं कराया। जानकारी यह भी मिली है कि कंटेनर पर शामली उत्तर प्रदेश निवासी एक व्यक्ति चालक है। पुलिस की एक टीम शामली व खतौली जांच के लिए भेजी गई है।

पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी अब तक भी तय नहीं

ओएनजीसी चौक पर हुए भीषण हादसे में पुलिस ने कंटेनर चालक के विरुद्ध मुकदमा तो दर्ज कर लिया है, लेकिन रात्रि चेकिंग में हुई लापरवाही के मामले में अब तक किसी पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी तय नहीं की है। दुर्घटना से पहले इनोवा पूरे शहर में घूमती रही और तमाम नाकों से गुजरी, लेकिन कहीं भी इस कार को नहीं रोका।

पुलिस दावा कर रही है कि पूरी रात सभी पिकेट पर पुलिस तैनात थी, लेकिन कार को किसी भी पिकेट पर न रोका जाना पुलिस की लापरवाही को उजागर कर रहा है। वहीं, दूसरी ओर अल्मोड़ा बस दुर्घटना की बात करें तो इस मामले में दो एआरटीओ से लेकर थाना-चौकी पुलिस तक गाज गिर चुकी है।

आशारोड़ी हादसे में कंटेनर चालक पर मुकदमा दर्ज

आशारोड़ी पर हुए हादसे के मामले में पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने कंटेनर चालक के विरुद्ध लापरवाही से वाहन चलाने का मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा कार चालक की तहरीर पर दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता मोहम्मद फुजैल निवासी संस्कृति लोक कॉलोनी हरिद्वार बाइपास रोड ने बताया कि 13 नवंबर की रात को वह कुरुक्षेत्र से देहरादून आ रहा था।

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पिकअप वाहन चल रहा था आगे

आशारोड़ी से आगे सेल्स टैक्स बैरियर के पास उनके आगे एक पिकअप वाहन चल रहा था। इसी दौरान सेल्स टैक्स कर्मचारी ने बीच रोड पर बैरियर सरका दिया, जिसके चलते पिकअप चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिया। पीछे से आ रहे एक कंटेनर ने तेजी से उनकी कार पर पीछे से टक्कर मारकर मार दी, जिसके कारण कार टक्कर लगने से क्षतिग्रस्त होकर दूसरी तरफ चली गई। इसके बाद कंटेनर ने पिकअप वाहन को टक्कर मारी जिसके बाद कंटेनर ने सड़क पर दो अन्य बड़े वाहनों को भी टक्कर मार दी।

घटना में पिकअप वाहन चालक सुखदेव व उसका पुत्र सुंधांशु और दो सेल्स टेक्स विभाग के कर्मचारी घायल हुए। पिकअप चालक सुखदेव की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।