विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भविष्य में आपदा को कम करने पर है राज्य सरकार का फोकस

By Raksha PanthariEdited By:
Published: Wed, 12 Sep 2018 04:27 PM (IST)

राजधानी देहरादून में एक दिवसीय डिजास्टर रिस्क असेसमेंट पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान भविष्य में आपदाओं को कम करने पर जोर दिया गया।

भविष्य में आपदा को कम करने पर है राज्य सरकार का फोकस
भविष्य में आपदा को कम करने पर है राज्य सरकार का फोकस

देहरादून, [जेएनएन]: डिजास्टर रिस्क असेसमेंट सेमीनार में भविष्य में आपदाओं को कम करने पर जोर दिया गया। कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि उत्तराखंड में तीन तरह की समस्याएं है। भूकंप, अतिवृष्टि और लैंडस्लाइ। जिसमें काफी नुकसान होता है। इसको देखते हुए जो डाटाबेस तैयार किया है उससे काफी लाभ मिलेगा।

आइएसबीटी स्थित एक निजी होटल में डिजास्टर रिस्क असेसमेंट पर राज्य स्तरीय सेमीनार का आयोजन किया गया। इस दौरान में आपदा से बचाव पर चर्चा की गई। साथ ही डेटा प्लान की प्रस्तुति दी गई। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि अनियोजित विकास करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

इस मौके पर राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आपदा से उत्तराखंड में काफी दिक्कतें होती हैं। लेकिन राज्य सरकार की कोशिश है कि नुकसान को काफी कम किया जा सके। इसी को लेकर इस सेमीनार का आयोजन किया गया है। इस दौरान डेटाबेस पर कन्सल्टेंट एजेंसी ने प्रस्तुतिकरण दिया। 

सेमीनार में कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत, राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत, वित्त सचिव अमित नेगी और आपदा से जुड़े एक्सपर्ट शामिल हुए। इसके अलावा ज़िला आपदा प्रबंधन अधिकारी भी शामिल हुए।

यह भी पढ़ें: नैनीताल के बलियानाला में हो रहा है भूस्खलन, बढ़ गया है खतरा  

यह भी पढ़ें: नैनीताल के बलियानाला के मुहाने पर हुआ भूस्खलन, दहशत में लोग

यह भी पढ़ें: तीन माह में 1200 घंटे बंद रहा यमुनोत्री हाइवे, नहीं हुआ स्थायी समाधान