राज्य ब्यूरो, देहरादून: सरकार में नेतृत्व परिवर्तन के बाद कमान संभालते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सूबे की नौकरशाही को चुस्त-दुरुस्त करने की रणनीति पर अमल शुरू कर दिया है। इसकी शुरुआत नौकरशाही के सर्वोच्च पद मुख्य सचिव से हुई है। उत्तराखंड कैडर के 1988 बैच के आइएएस डा एसएस संधू को प्रदेश का नया मुख्य सचिव बनाया गया है। वह अभी तक नेशनल हाइवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआइ) के चेयरमैन के पद पर कार्यरत थे। प्रतिनियुक्ति से पहले डा संधू उत्तराखंड में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर कार्य कर चुके हैं। वह मंगलवार को कार्यभार ग्रहण करेंगे।

प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन के बाद धामी सरकार ने अपनी प्राथमिकताएं तय की हैं। इनमें सुशासन भी शामिल है। मुख्यमंत्री धामी ने शपथ ग्रहण के बाद यह संकेत भी दिए थे कि तेजी से काम करने के लिए नौकरशाही के पेच कसे जाएंगे। इसके लिए फेरबदल की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पिछले दिनों कुंभ में कोरोना जांच फर्जीवाड़े को लेकर सरकार को किरकिरी उठानी पड़ी थी। नौकरशाही को चुस्त दुरुस्त करने के लिए सरकार ने पहला कदम मुख्य सचिव ओमप्रकाश को बदल कर किया गया है। केंद्र में अक्टूबर 2014 से प्रतिनियुक्ति पर तैनात आइएएस डा संधू को मुख्य सचिव के रूप में वापस लाया गया है। प्रदेश सरकार के इस कदम को केंद्र का भी पूरा सहयोग मिला। यही कारण था कि आइएएस संधू को केंद्र से रिलीव करने के लिए सोमवार सुबह ही पत्र भेजा गया था, जिस पर दोपहर को केंद्र ने आदेश भी जारी कर दिए।

मूल रूप से पंजाब के रहने वाले आइएएस संधू की छवि कुशल प्रशासक की है। सोमवार शाम को नवनियुक्त मुख्य सचिव संधू ने देहरादून पहुंचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बीजापुर अतिथिगृह में मुलाकात की। वह प्रदेश के 17वें मुख्य सचिव के रूप में कार्यभार ग्रहण करेंगे। वहीं, निवर्तमान मुख्य सचिव ओमप्रकाश को अध्यक्ष राजस्व परिषद और मुख्य स्थानिक आयुक्त नई दिल्ली का पदभार सौंपा गया है। ओमप्रकाश ने एक अगस्त, 2020 को मुख्य सचिव पदभार संभाला था।

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Edited By: Sumit Kumar

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