देहरादून, जेएनएन। Coronavirus कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के प्राइमरी कॉन्टेक्ट में आने वाले सभी व्यक्तियों की अनिवार्य रूप से सैंपलिंग होगी। जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्ताव ने इसके लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को मोबाइल टीम गठित करने को कहा।

बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को थामने और प्रभावी नियंत्रण के लिए अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सैंपलिंग के समय गलत जानकारी दे रहा है, उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने निजी अस्पतालों को निर्देश दिया कि वह सर्विलांस अधिकारी के साथ सभी सूचनाओं का आदान-प्रदान करें। अन्य सूचनाओं को भी संबंधित एप पर उचित ढंग से दर्ज करने को कहा गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नितिका खंडेलवाल, अपर जिलाधिकारी बीर सिंह बुदियाल, जीसी गुणवंत, सीएमओ डॉ. अनुज डिमरी आदि उपस्थित रहे।

आरटीपीसीआर जांच करें

जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने अपर जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि बाहर से आने वाले व्यक्तियों की सीमा पर आरटीपीसीआर जांच कराई जाए। जब स्वास्थ विभाग से एंटीजन जांच की नई दरें प्राप्त हो जाएं तो उसके बाद एंटीजन जांच भी कराई जाए।

लक्षण नहीं तो गर्भवतियों को भी होम आइसोलेशन

शासन ने अब लक्षण रहित कोरोना संक्रमित गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को भी होम आइसोलेशन की अनुमति प्रदान कर दी है। प्रदेश सरकार ने गत एक सितंबर को कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसमें 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग व 10 साल से कम उम्र के बच्चों को होम आइसोलेशन की सुविधा दे दी गई थी।

अब होम आइसोलेशन का दायरा बढ़ा दिया गया है। सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने बताया कि अब कोरोना संक्रमित बिना लक्षण वाली ऐसी गर्भवती महिलाओं को भी होम आइसोलेशन की अनुमति दे दी गई है, जिन्हें जिन्हें कोई बीमारी नहीं है। साथ ही ऐसी लक्षण रहित कोरोना संक्रमित महिलाएं, जिन्होंने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया है और वे दोनों पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं, उन्हें भी होम आइसोलेशन में रखा जा सकता है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं।

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