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    अब केंद्र ने अपने हाथ में ली शिक्षा की गुणवत्ता की मुहिम

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    Updated: Thu, 09 May 2019 02:42 PM (IST)

    शिक्षा की गुणवत्ता की मुहिम को परोक्ष तौर पर केंद्र सरकार ने अपने हाथ में ले लिया है। इस दिशा में कार्यों का स्थलीय मुआयना केंद्र सरकार की टीम करेगी।

    अब केंद्र ने अपने हाथ में ली शिक्षा की गुणवत्ता की मुहिम

    v style="text-align: justify;">देहरादून, रविंद्र बड़थ्वाल। प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता की मुहिम को परोक्ष तौर पर केंद्र सरकार ने अपने हाथ में ले लिया है। इस दिशा में प्रदेश सरकार की ओर से किए जाने वाले कार्यों का स्थलीय मुआयना केंद्र सरकार की टीम करेगी। वहीं, राज्य के शिक्षकों की ट्रेनिंग का पूरा खाका अब एससीइआरटी के जिम्मे नहीं छोड़ा जाएगा। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश पर एनसीइआरटी यह कार्य करेगा। 
    प्रदेश में प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक सभी सरकारी स्कूलों की परफॉर्मेंस का आकलन कर उन्हें ग्रेडिंग दी जाएगी। इस ग्रेडिंग इंडेक्स के आधार पर केंद्र सरकार राज्य का मूल्यांकन करेगी। देश में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए अब केंद्र सरकार महज राज्य के भरोसे बैठने को तैयार नहीं है। समग्र शिक्षा अभियान की सालाना कार्ययोजना को मंजूरी देने को बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (पीएबी) की बैठक में इसके साफ संकेत दे दिए गए हैं। 
    पीएबी में स्वीकृत कार्ययोजना के मुताबिक शगुनोत्सव के तहत आगामी अगस्त और सितंबर माह में केंद्र की टीम स्कूलों के संबंध में भेजे गए आंकड़ों का सत्यापन करने को राज्य का मुआयना करेगी। यह मूल्यांकन स्कूल आधारित होगा। छात्र-छात्राओं की परफॉरमेंस के आधार पर स्कूल का मूल्यांकन किया जाएगा। वहीं राज्यवार स्कूल परफॉर्मेंस इंडेक्स तैयार किया जाएगा। इसके आधार पर जिलों और राज्य का मूल्यांकन होगा। 
    केंद्र की टीम इस इंडेक्स और इसके लिए की गई तैयारी का सत्यापन भी करेगी। केंद्र सरकार बड़ा कदम शिक्षकों की ट्रेनिंग के रूप में उठाने जा रही है। अभी तक राज्य में शिक्षकों की ट्रेनिंग का जिम्मा एससीइआरटी उठा रही है। एससीइआरटी ही ट्रेनिंग का पूरा डिजाइन तैयार करती है, लेकिन अब यह कार्य अब एनसीइआरटी ने अपने हाथ में लिया है। शिक्षकों की ट्रेनिंग का पूरा डिजाइन एनसीइआरटी तैयार करेगी। राज्य सरकार की भूमिका इस पर अमल करने की होगी। दरअसल, शिक्षकों की ट्रेनिंग के मामले में उत्तराखंड समेत तमाम राज्यों की ओर से अपेक्षा के अनुरूप परिणाम नहीं मिल रहे हैं। इसका असर गुणवत्ता पर देखा जा रहा है। इस कार्य के लिए राज्यवार एनसीइआरटी की टीम गठित की जाएगी। 
    खास बात ये भी है कि एनसीइआरटी की टीम सिर्फ शिक्षकों की ट्रेनिंग तक सीमित नहीं रहेगी। स्कूल मैनेजमेंट कमेटी को भी बकायदा ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि स्कूल की तमाम गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका में इजाफा हो सके। शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर केंद्र का हस्तक्षेप बढ़ने से राज्य सरकार भी उत्साहित है। उसे उम्मीद है कि गुणवत्ता के लिए उठाए जाने वाले कदमों के लिए केंद्र से भरपूर मदद मिल सकेगी। पीएबी के समक्ष राज्य की टीम ने करीब 1159 करोड़ बजट का प्रस्ताव रखा। 
    माना जा रहा है कि राज्य की झोली में 1000 करोड़ से ज्यादा की राशि आएगी। राज्य की टीम का नेतृत्व विद्यालयी शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने किया। इसमें अकादमिक शोध और प्रशिक्षण निदेशक सीमा जौनसारी, समग्र शिक्षा अभियान राज्य परियोजना अपर निदेशक एसबी जोशी समेत आधा दर्जन से ज्यादा सदस्य शामिल रहे।

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