देहरादून, जेएनएन। दून के संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) दिनेश चंद्र पठोई के ट्रांसफर का फर्जी आदेश जारी करने के मामले में कुछ अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। क्योंकि कुछ अधिकारी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उधर, परिवहन सचिव शैलेश बगोली ने हस्ताक्षर को जाली बताया है। डीआइजी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि एक-दो लोगों के बयान लेने बाकी हैं।

बता दें कि शुक्रवार को संभागीय परिवहन अधिकारी दिनेश चंद्र पठोई का तबादला आदेश जारी हुआ था। सचिव परिवहन शैलेश बगोली के नाम व जाली हस्ताक्षर से जारी इस आदेश में पठोई को परिवहन मुख्यालय में सहायक परिवहन आयुक्त के पद पर भेजना और वहां तैनात उपायुक्त सुधांशु गर्ग को दून का नया संभागीय परिवहन अधिकारी बनाना दर्शाया गया था। यह सूचना परिवहन सचिव को मिली तो उन्होंने इसे आपराधिक घटनाक्रम बता मुकदमे के आदेश दिए। इसके बाद संभागीय परिवहन अधिकारी दिनेश चंद्र पठोई शहर कोतवाली पहुंचे। जहां उन्होंने मामले में मुकदमा दर्ज कराया। शहर कोतवाली पुलिस ने इस मामले में कूटरचना और सूचना तकनीक अधिनियम के अंतर्गत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है।

यह भी पढ़ें: परिवहन सचिव के फर्जी हस्ताक्षर कर जारी किया दून आरटीओ के तबादले का आदेश, हड़कंप

शादी का झांसा देकर फौजी ने किया शोषण

शादी का झांसा देकर फौजी ने तीन साल तक युवती से दुष्कर्म किया। युवती ने जब शादी का दबाव बनाया तो आरोपित ने जान से मारने और फोटो सोशल मीडिया पर डालने की धमकी दी। प्रेमनगर थाना पुलिस ने आरोपित योगेश कुमार निवासी नगला पट्टी, अलीगढ़ उत्तर प्रदेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। एसओ धर्मेद्र रौतेला के अनुसार युवती ने तहरीर दी कि उसकी अप्रैल 2017 में योगेश कुमार से फेसबुक के जरिये दोस्ती हुई। आरोपित ने उससे बताया कि वह फौज में है और उससे शादी करना चाहता है। इस बीच कई बार वह युवती से मिलने देहरादून आया और उससे शारीरिक संबंध बनाए। युवती ने शादी का दबाव बनाया तो उसने जान से मारने और उसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी।

यह भी पढ़ें: Uttarakhand Scholarship Scam: आठ संस्थानों के खिलाफ छह थानों में मुकदमे दर्ज

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस