जागरण संवाददाता, ऋषिकेश : आस्था पथ किनारे गणेश शंकर मंदिर में तोड़फोड़ करने के आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रवि साहनी ने बताया कि 26 जुलाई को कोतवाली ऋषिकेश में वादी बुद्धि प्रकाश निवासी गुमानीवाला ऋषिकेश मंदिर के पुजारी के द्वारा एक लिखित तहरीर दी गई कि वीरभद्र रोड गली नंबर तीन में आस्था पथ किनारे गौरी शंकर मंदिर है।

जहां पुजारी ने आकर देखा तो असामाजिक तत्वों द्वारा भगवान के मंदिर की मूर्तियों को ध्वस्त कर दिया गया है। जिसमें की शिव परिवार की सभी मूर्तियों को ध्वस्त कर दिया गया था। लिखित तहरीर के आधार पर कोतवाली में अज्ञात व्यक्ति अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की गई।

मंदिर में तोड़फोड़ करने वाले असामाजिक तत्वों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम गठित की गई। गठित टीम के द्वारा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करते हुए घटनास्थल के आस पास आने जाने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की, सर्विलांस की सहायता लेकर मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।

मुखबिर की सूचना पर भरत विहार तिराहा हरिद्वार रोड के पास से एक व्यक्ति को मंदिर में तोड़फोड़ करने हेतु प्रयोग किए गए औजार के साथ गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ करने पर श्यामल यादव पुत्र इंद्र देव यादव मूल निवासी ग्राम नूरिया हुसैनपुर थाना न्यूरिया कालोनी जिला पीलीभीत उत्तर प्रदेश हाल निवासी काले की ढाल ऋषिकेश ने बताया गया कि वह ऋषिकेश में रहकर शादियों में वेटर का काम करता है। कई ठेकेदारों द्वारा मेरे काम के पैसे ना देकर मेरे साथ धोखा किया गया, जिससे कि वह डिप्रेशन में चला गया। इसी के आक्रोश में आकर उसने मंदिर की मूर्तियों को तोड़ दिया।

Edited By: Nirmala Bohra