देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: प्रदेश की बहुप्रतीक्षित व महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन से केदारनाथ धाम के निकट सोनप्रयाग और बदरीनाथ के निकट जोशीमठ को भी जोड़ा जाएगा। प्रदेश सरकार की ओर से चारों धामों के लिए रेल सर्किट विकसित करने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों से ऐसा संभव हो पाएगा। रेल मंत्री सुरेश प्रभु 13 मई को बदरीनाथ में इस रेल सर्किट का शिलान्यास करेंगे। 

प्रदेश में 16216 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन बनाई जानी है। रेल मंत्रालय ने इस परियोजना की जिम्मेदारी रेल विकास निगम लिमिटेड को सौंपी है। इस रेल लाइन के बनने से उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों की कायापलट होना तय माना जा रहा है। 

125 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में 12 रेलवे स्टेशन और 17 सुरंगे बनाई जानी हैं। इसे पूर्ण करने की अवधि वर्ष 2028 रखी गई है। इस योजना के बनने से प्रदेश के दो धाम, यानी बदरीनाथ और केदारनाथ की दूरी काफी कम हो जाएगी। 

अब प्रदेश सरकार चारों धाम बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री को जोडऩे के लिए चारधाम रेल सर्किट विकसित करने की दिशा में कदम उठा रही है। अभी कर्णप्रयाग से सोनप्रयाग के लिए सड़क मार्ग की दूरी 103 किमी जबकि जोशीमठ की दूरी 83 किमी है। अब इस बात का आंकलन किया जाएगा कि रेल मार्ग से इनकी दूरी कितनी होगी।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि प्रदेश के चारधाम को जोड़ने के लिए चारधाम सर्किट विकसित किया जाएगा। रेल मंत्री सुरेश प्रभु 13 मई को इसका शिलान्यास करेंगे। परियोजना में  जोशीमठ और सोनप्रयाग भी रेल लाइन से जोड़े जाएंगे। 

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Edited By: Bhanu