जागरण संवाददाता, देहरादून। Right To Education निजी स्कूल आरटीई के एडमिशन में छात्रों की संख्या कम दर्शाकर बहाना नहीं बना सकेंगे। अब उन्हें विभाग को आरटीई के तहत हुए एडमिशन के लिए शपथ पत्र दाखिल करना होगा। इसके बाद विभागीय अधिकारी भी स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। शपथ पत्र के अनुरूप छात्र संख्या न होने की स्थिति में स्कूल पर कार्रवाई की जाएगी। बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस संबंध में शिक्षा महानिदेशक को पत्र भेजकर स्कूलों को निर्देशित करने को कहा है।

आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर छात्र निजी स्कूलों में 25 फीसद आरक्षित सीट के लिए आवेदन कर सकते हैं। सत्र शुरू होने के साथ ही स्कूलों को भी ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा विभाग को कुल छात्रों की रिपोर्ट भेजनी पड़ती है। बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बताया कि आयोग के पास बीते तीन महीने में10 शिकायत ऐसी आई, जिसमें शिकायतकर्ताओं ने आरटीई में दाखिले के लिए स्कूलों की मनमानी की शिकायत की। 

इसका संज्ञान लेते हुए इसी हफ्ते शिक्षा निदेशक को निजी स्कूलों को आरटीई दाखिले के लिए शपथ पत्र अनिवार्य के आदेश दिए जाएंगे। यदि शिक्षा विभाग की टीम को औचक निरीक्षण में शपथ पत्र के अनुरूप छात्रों की संख्या नहीं मिलती है तो स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

नशे के विरुद्ध अभियान जारी

बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बताया कि नशे के विरुद्ध आयोग विभिन्न सामाजिक संगठन और पुलिस के साथ मिलकर अभियान चला रही है। उन्होंने बताया कि विभिन्न जिलों में आयोग की समिति भी इस अभियान में अभिभावकों को जागरुक कर रही है। बच्चों को शिक्षा और स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें- NDA के 16 हजार अभ्यर्थी दे रहे परीक्षा, कोरोना से बचाव के नियमों का पूरी तरह रखा जा रहा ध्यान

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप