जागरण संवाददाता, देहरादून : Raksha Bandhan नगर में भाई-बहन का पावन पर्व रक्षाबंधन धूमधाम व उल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने जहां भाई की कलाई पर राखी बांधकर लंबी आयु की कामना की वहीं भाइयों ने भी रक्षा का वचन देकर उन्हें तरह-तरह के उपहार दिए।

धार्मिक स्थल, स्कूल, सार्वजनिक स्थलों पर रही पर्व की धूम

गुरुवार को सुबह से नगर में त्योहार की रौनक दिखने लगी थी। घरों में तरह-तरह के पकवान बनाए गए। मिठाइयों ने रिश्तों में और मिठास घोली। धार्मिक स्थल, स्कूल, सार्वजनिक स्थलों पर पर्व की धूम रही। गढ़ी कैंट स्थित टपकेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में तमसा नदी में संस्कृत शिक्षा पढ़ने वाले 15 ब्रह्मचारियों को विद्वत सभा की ओर से यज्ञोपवीत संस्कार किया गया।

सभा के अध्यक्ष जय प्रकाश गोदियाल ने बताया रक्षाबंधन के बारे में विस्तार से बताया गया। इस मौके पर सभा के महासचिव आचार्य चंद्र प्रकाश ममगाईं, बिजेंद्र प्रसाद ममगाईं , पंडित उदय शंकर भट्ट, पंडित सुभाष जोशी आदि मौजूद रहे।

विभिन्न पौधों को बांधा रक्षासूत्र

वहीं हर्रावाला स्थित किड्स स्कूल के छात्रों ने विभिन्न पौधों को रक्षासूत्र बांधकर रक्षाबंधन पर्व मनाया। स्कूल की प्रधानाचार्य सीमा तिवाड़ी ने बताया छात्र दोपहर 12 बजे स्कूल पहुंचे। सबसे पहले स्कूल के आस-पास के पौधों को रक्षासूत्र बांधा। इसके बाद एक दूसरे छात्र को रक्षासूत्र बांधकर बधाई दी।

कहा अभिभावकों ने रक्षाबंधन के पर्व के बारे में विस्तार से बताया। इस मौके पर रोमा कुमारी, पूजा भास्कर, किरन नेगी, प्रीति कोहली, श्वेता नेगी, संगीता आदि मौजूद रहे।

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सेना के जवानों की कलाई पर सजी स्नेह की डोर

आजादी का अमृत महोत्सव के तहत छावनी परिषद देहरादून ने लतिका राय फाउंडेशन के सहयोग से विशेष बच्चों के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया। चीड़बाग स्थित शौर्य स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में सेना के बैंड ने देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति से समा बांध दिया।

बच्चों ने भी देशभक्ति गीतों पर दी प्रस्तुति

संदेशे आते हैं..., वंदे मातरम..., तेरी मिट्टी में मिल जावां... आदि गीतों की प्रस्तुति से सभी देशभक्ति के रंग में रंग गए। वहीं, बच्चों ने भी देशभक्ति गीतों पर अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने वहां मौजूद सेना के जवानों को राखी भी बांधी। उन्हें अपने हाथ से बनाए ग्रीटिंग कार्ड भी दिए। छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी अभिनव सिंह ने शौर्य स्थल के विषय में जानकारी दी।

बताया कि शौर्य स्थल उत्तराखंड के उन सैनिकों की वीरता व बलिदान का प्रतीक है, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए। कार्यक्रम के अंत में स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में सेना, कैंट बोर्ड के अधिकारियों व बच्चों ने पौधारोपण भी किया।

इस दौरान फूलों के 75 पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में छावनी परिषद के अध्यक्ष ब्रिगेडियर अनिर्बन दत्ता, कैंट बोर्ड के कर्मचारी शामिल हुए।

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Edited By: Sunil Negi