यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 12, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
उत्तराखंड में हवाई सुरक्षा मजबूत करने को लगेंगे राडार, पढ़िए पूरी खबर
सीमांत उत्तराखंड में हवाई सीमा को मजबूत करने के लिए जल्द ही वायु सेना एयर डिफेंस राडार और एडवांस लैंडिंग ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, देहरादून। सीमांत उत्तराखंड में हवाई सीमा को मजबूत करने के लिए जल्द ही वायु सेना एयर डिफेंस राडार और एडवांस लैंडिंग ग्राउंड की स्थापना करेगी। इसके साथ ही आपात स्थिति में प्रदेश के एयर स्ट्रिप व हेलीपैड पर भी आपात लैंडिंग की जा सकेगी। इसकी अनुमति देने के लिए सोमवार को मुख्य सचिव ओमप्रकाश की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई है। इसमें वायुसेना के अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।
भारत-चीन के बीच लगातार तनाव बना हुआ है। उत्तराखंड की तकरीबन 345 किमी अंतरराष्ट्रीय सीमा चीन से लगी हुई है। चमोली के बाड़ाहोती क्षेत्र में चीनी सेना सीमा का अतिक्रमण करते हुए घुसपैठ करती रहती है। इसे देखते हुए सीमा को मजबूत करने के लिए लगातार काम किए जा रहे हैं। चार धाम ऑल वेदर रोड के निर्माण का एक मुख्य मकसद प्रदेश की सीमाओं तक सेना के आवागमन को सुगम बनाना भी है। अब प्रदेश की हवाई सीमाओं को भी सुरक्षित बनाने की कवायद शुरू हो गई है।
दरअसल, कुछ समय पहले सेंट्रल एयर कमांड के एओसी इन चीफ मार्शल राजेश कुमार उत्तराखंड आए थे और उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात कर हवाई सीमाओं की सुरक्षा के संबंध में चर्चा की। इस दौरान राज्य में वायु सेना की गतिविधियों के संचालन को भूमि दिए जाने के संबंध में चर्चा की गई। अल्मोड़ा में राडार के लिए भूमि चिह्नित करने की बात भी कही गई।अब इस चर्चा को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। इसके लिए सोमवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई है। इसमें लोक निर्माण विभाग, नागरिक उड्डयन विभाग, गृह विभाग व पुलिस के अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
