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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 23, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Dehradun Crime News: देहरादून में नकली सीमेंट का गोदाम पकड़ा, दो गिरफ्तार; ऐसे बनाते थे नकली सीमेंट

By Sunil NegiEdited By:
Published: Fri, 23 Jul 2021 03:56 PM (IST)Updated: Fri, 23 Jul 2021 10:04 PM (IST)

पुलिस ने नकली सीमेंट बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह पटेल नगर के तेलपुर में एक गोदाम ...और पढ़ें

नकली सीमेंट बेचने के मामले में रायपुर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।
नकली सीमेंट बेचने के मामले में रायपुर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।

जागरण संवाददाता, देहरादून। Dehradun Crime News रायपुर थाना पुलिस ने नकली सीमेंट बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह पटेल नगर के तेलपुर में एक गोदाम में नकली सीमेंट तैयार करता था। पुलिस ने गोदाम पर छापेमारी कर भारी मात्रा में नकली सीमेंट बरामद की है। गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक सदस्य फरार है। यहां पर आरोपित जेके सीमेंट में कटिंग पाउडर (काली बजरी का पाउडर) मिलाकर नकली सीमेंट तैयार करते थे। इसके बाद उसे अल्ट्राटेक सीमेंट के नाम से ग्राहकों को बेचते थे। यह गोरखधंधा एक साल से चल रहा था।

सीओ रायपुर पल्लवी त्यागी के अनुसार 22 जुलाई को हरिबल्लभ वशिष्ठ निवासी नथुआवाला ने घटिया सीमेंट की शिकायत की थी। शिकायत में बताया कि उनका दुनाली नथुआवाला में भवन बन रहा है। इसके लिए उन्होंने अल्ट्राटेक सीमेंट के डीलर रोहित कुमार निवासी ब्राह्मणवाला चौक, पटेलनगर से सीमेंट मंगवाई थी। लेकिन, निर्माण के दौरान ही भवन की दीवारों से प्लास्टर झड़ने लगा। इस पर उन्हें सीमेंट की गुणवत्ता पर शक हुआ। उन्होंने अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी से इस संबंध में शिकायत की।

कंपनी के एक अधिकारी ने मौके पर आकर जांच की तो पता चला कि सीमेंट अल्ट्राटेक कंपनी का है ही नहीं। जांच में सीमेंट के नकली होने की पुष्टि के बाद सीओ ने एसओ नेहरू कालोनी दिलबर सिंह नेगी को मामले की विस्तृत जांच का निर्देश दिया। जिसमें पता चला कि नकली सीमेंट पटेलनगर के तेलपुर में एक गोदाम में तैयार की जाती है। जो अशोक निवासी कांवली रोड हरीपुरम वसंत विहार का है। इस काम में उसका साथ रोहित और इमरान निवासी ब्राह्मणवाला पटेलनगर भी देते थे।

इसके बाद पुलिस ने आरोपितों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया और शुक्रवार को पीड़ि‍त हरिबल्लभ वशिष्ठ के माध्यम से आरोपितों से फिर से सीमेंट मंगवाई। जैसे ही रोहित कुमार नकली सीमेंट के साथ हरिबल्लभ वशिष्ठ के निर्माणाधीन भवन में पहुंचा, पुलिस ने उसे दबोच लिया। रोहित से पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपितों के गोदाम में छापा मारा। वहां दूसरे आरोपित अशोक को भी गिरफ्तार कर लिया गया। गोदाम से 1138 कट्टे नकली सीमेंट व सीमेंट भरने के उपकरण, इलेक्ट्रानिक तराजू आदि बरामद किए गए हैं। पुलिस ने गोदाम को सील कर दिया है। तीसरे आरोपित इमरान की तलाश की जा रही है।

ऐसे बनाते थे नकली सीमेंट

पूछताछ में आरोपित अशोक ने बताया कि उसके पास जेके सीमेंट की डीलरशिप है। वह जेके सीमेंट को गोदाम में रखते थे व अल्ट्राटेक के खाली सीमेंट के कट्टे बाजार से खरीदते थे। गाजियाबाद से वह कटिंग पाउडर (काली बजरी का पाउडर) मंगवाते थे। जिसके बाद जेके सीमेंट के दो कट्टे व कटिंग पाउडर का एक कट्टा मिलाकर अल्ट्राटेक के खाली तीन सीमेंट के कट्टों में भर देते थे। इसके बाद गोदाम में ही तराजू में तोल कर उन्हें अल्ट्राटेक सीमेंट के नाम से ग्राहकों को बेचते थे।

तय था सबका हिस्सा

एसओ दिलबर सिंह नेगी ने बताया कि आरोपित रोहित की जिम्मेदारी केवल सीमेंट के कट्टे गोदाम से साइट तक पहुंचाने की होती थी। गोदाम में नकली सीमेंट तैयार करने का काम अशोक करता था। रोहित को प्रति कट्टे करीब 20 रुपये मिलते थे। वहीं, आरोपित इमरान बाजार से डिमांड लेकर आता था। इस काम में तीनों लाखों रुपये कमा चुके थे।

गोदाम से यह सामान हुआ बरामद

  • 650 कट्टे जेके सुपर सीमेंट
  • 450 कट्टे नकली सीमेंट
  • 38 कट्टे कटिंग पाउडर
  • 400 खाली कटे अल्ट्राटेक सीमेंट
  • 600 खाली कट्टे जेके सीमेंट
  • एक बड़ा इलेक्ट्रानिक तराजू
  • तीन फावड़े, दो बाल्टी, वाइपर व अन्य औजार

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