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देहरादून, जेएनएन। कम समय में रकम को डेढ़ से दोगुना करने वाले गैंग के सात सदस्य लीडर समेत पुलिस के हत्थे चढ़ गए। इन आरोपितों के हवाले से पुलिस ने लोगों द्वारा जमा कराई गई रकम के 46 लाख रुपये भी बरामद किए गए हैं। इस गैंग का संचालन दिल्ली पुलिस से बर्खास्त सिपाही जोगिंद्र सिंह कर रहा था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सातों को जेल भेज दिया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी ने रकम डबल करने का झांसा देने वाले गैंग का खुलासा करते हुए बताया कि दून में जनता की खून-पसीने की कमाई पर डाका डालने वाले ठगों के खिलाफ पुलिस अभियान चला रही थी। इस दौरान रायवाला क्षेत्र में रकम डेढ़ से दोगुना किए जाने की खबर मिली। इसी इनपुट के आधार पर पुलिस पड़ताल करती हुई गैंग तक पहुंची। एसएसपी ने बताया कि ठग गिरोह ने हरिपुरकलां के उमा विहार में एक माह पहले एयरवे इंटरप्राइजेज कंपनी का दफ्तर खोला था। यहां लोगों से दो से 10 हजार रुपये तक की रकम लेकर डेढ़ से दोगुना देने का लालच दिया जा रहा था।

लोग भी उनकी बातों में आकर अपनी मेहनत की कमाई तो लगा ही रहे थे, साथ में अपनी चेन में लोगों को जोड़कर उनका पैसा भी इंवेस्ट करा रहे थे। जांच में पाया कि आरोपित रकम जमा करने वालों का कुछ पैसा किश्तों में लौटाने भी लगे थे, ताकि लोगों का कंपनी पर भरोसा बना रहे। एसएसपी ने बताया कि आरोपित शिशु योजना उत्तराखंड के नाम से कार्ड बांटकर लोगों को चेन में जोड़ रहे थे। आरोपितों के दफ्तर से मिले रजिस्टर, कार्ड और दूसरे रिकार्ड के अनुसार सैकड़ों लोगों ने इनके पास पैसा जमा करा दिया था। पुलिस ने दफ्तर के अंदर बने कमरे में आलमारी से 46 लाख 15 सौ रुपये नकद, बैंक पासबुक, चेक बुक, एटीएम कार्ड आदि बरामद किए गए हैं।

पुलिस टीम में ये रहे शामिल

एसपी ग्रामीण प्रमेंद्र डोभाल, सीओ बीएस रावत, एसओ अमरजीत सिंह, एसआइ विनोद कुमार, विक्रम नेगी, महेंद्र सिंह पुंडीर, एचसीपी धर्मेद्र बिष्ट, सिपाही पंकज तोमर, विनोद कुमार, अरुण राणा, नवनीत सिंह नेगी, अर¨वद पुंडीर, दिनेश चौहान आदि।

रायवाला से शुरू किया गैंग

पुलिस के अनुसार, दिल्ली पुलिस में सिपाही पद से बर्खास्त होने के बाद जोगिंदर सिंह ने यह योजना बनाई थी। कम समय में अमीर बनने के लिए जोगिंदर ने पूरा जाल बिछाया। इसमें आरोपित ने अपने दोस्तों और उनके परिचितों को साथ लेकर रायवाला से शुरुआत की। हालांकि पुलिस का कहना है कि जोगिंदर सिंह हाल ही कोर्ट के आदेश पर बहाल भी हो गया है।

ठगों के खिलाफ यह शुरुआत

एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने कहा कि ट्रैफिक जाम और साइबर अपराध के बाद दून में ठगी और धोखाधड़ी के मामले सबसे ज्यादा आ रहे हैं। ऐसे में ठगों पर सख्ती से कार्रवाई करना जरूरी है। उन्होंने साफ कहा कि ठगी चाहे जमीन की हो या फिर नौकरी दिलाने, रकम दोगुना करने के नाम पर, आरोपितों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पीसीआर में होगा खुलासा

एसएसपी जोशी ने कहा कि पुलिस ने प्राथमिक जांच में यह खुलासा किया है। विवेचना अभी जारी है। जल्द आरोपितों को रिमांड में लिया जाएगा। ताकि इसके पीछे की असल कहानी सामने आ सके। आरोपितों के खिलाफ दर्ज मुकदमे, परिवारिक रिकार्ड और आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।

इनको किया गिरफ्तार

जोगिंदर सिंह निवासी खेड़ीसाद सापला, अजमेर सिंह शीतलनगर शिवाजी कॉलोनी रोहतक, नरेश शर्मा निवासी पिल्लू खेड़ी, तिलकराज निवासी जींद, हरियाणा, चंदन कुमार अरोड़ा, राजहंस विहार, उत्तमनगर दिल्ली, अरुण राणा निवासी रोशनाबाद सिडकुल, हरिद्वार तथा संजय कुमार निवासी मुरोवतपुर देशरी वैशाली, बिहारी को गिरफ्तार किया है।

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