शताब्दी एक्सप्रेस के सी-5 कोच में आग के शोले देख यात्रियों को लगा जैसे मौत सामने खड़ी है....
शताब्दी एक्सप्रेस के सी-5 कोच में धुएं का गुबार और आग के शोले देख यात्रियों को लगा जैसे मौत सामने खड़ी है। जान बचाने को यात्री सामान छोड़ दूसरे डिब्बों की ओर दौड़े पड़े। जैसे-तैसे यात्री सुरक्षित दूसरे डिब्बों में पहुंचे लेकिन दहशत का मंजर आंखों में तैरता रहा।
जागरण संवाददाता, देहरादून। शताब्दी एक्सप्रेस के सी-5 कोच में धुएं का गुबार और आग के शोले देख यात्रियों को लगा जैसे मौत सामने खड़ी है। जान बचाने को यात्री सामान छोड़ दूसरे डिब्बों की ओर दौड़े पड़े। जैसे-तैसे यात्री सुरक्षित दूसरे डिब्बों में पहुंचे, लेकिन दहशत का मंजर आंखों में तैरता रहा। सामान जलने का गम तो था, लेकिन जान बचने की खुशी भी थी।
नंगे पैर ट्रेन से बिलखते हुए उतरे यात्रियों से जब हाल-चाल पूछा तो वे बयां नहीं कर पाए। उन्हें दून पहुंचने के बाद भी खौफनाक मंजर ही नजर आ रहा था। कुछ यात्री तो बात तक करने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद कुछ कहने लगे अब ट्रेन में सफर नहीं करेंगे।
बिहार से शादी कर लौट रहे थे, सबकुछ जल गया
दून के बलबीर रोड निवासी किशन ठाकुर बिहार से शादी कर पत्नी व स्वजनों संग लौट रहे थे। हादसे ने उन्हें झकझोर कर रख दिया। सामान तो राख हुआ ही, शादी से जुड़ी यादें भी जल गईं। उनकी नई नवेली दुल्हन रोते-बिलखते घर पहुंची है। किशन ठाकुर ने बताया कि बीते 21 फरवरी को उनकी शादी हुई थी। उसके बाद वे दुल्हन को लेकर दून लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में हादसे ने उनका बहुत कुछ छीन लिया। बताया कि उनके सामान में करीब चार लाख रुपये के गहने, संपत्ति के कागजात, कुछ कैश और कपड़े थे। दंपती के साथ ही तीन अन्य सदस्यों का भी पूरा सामान जल गया। किशन के अनुसार, उनके पिता की बीमारी पर पहले ही उनका काफी पैसा खर्च हो रहा है। अब इस नुकसान से उन्हें बड़ा झटका लगा है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है की क्या करेंगे।
ट्रेन हादसा: देहरादून से दो ट्रेनों का समय बदला
नई दिल्ली-देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस की एक बोगी में आग लगने की घटना के कारण दून से सूबेदारगंज (प्रयागराज) और काठगोदाम जाने वाली ट्रेनों का समय बदलना पड़ा। गाड़ी संख्या-04114 देहरादून से सूबेदारगंज निर्धारित समय दोपहर एक बजकर 25 मिनट पर रवाना नहीं हो सकी। हादसे के कारण ट्रेन को री-शेड्यूल कर दून से शाम चार बजकर 25 मिनट पर रवाना किया जा सका। इस दौरान ट्रेन में बैठे यात्री तीन घंटे तक परेशान रहे। वहीं, गाड़ी संख्या 02091 देहरादून-काठगोदाम एक्सप्रेस अपने तय समय दोपहर बाद तीन बजकर 45 मिनट के बजाय री-शेड्यूल कर शाम चार बजकर 45 मिनट पर रवाना हुई। इसके अलावा सूबेदारगंज से देहरादून और गोरखपुर से देहरादून आ रही टेनों को शॉर्ट टर्मिनेट कर दिया गया। यानि इन्हें देहरादून नहीं भेजा गया, बल्कि रायवाला से वापसी शेड्यूल की गई।
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