देहरादून, [जेएनएन]: उत्तराखंड के 1300 से अधिक यात्रियों में देहरादून की हादिया मरियम सबसे कम उम्र में हज करने वाली यात्री बनेंगी। हादिया मात्र डेढ़ साल की उम्र में अपने परिजनों के साथ हज यात्रा पर जाएंगीं। इसके लिए गुरुवार को आयोजित टीकाकरण शिविर में डॉक्टरों ने उनका टीकाकरण किया। 

गोरखपुर गांव की निवासी डेढ़ वर्षीय हादिया मरियम इस वर्ष अपने पिता सलीम अहमद और अपनी माता के साथ हज करने जाएंगी। हादिया के पिता ने बताया कि उन्होंने हादिया के नाम की लॉटरी भी डाली थी, जिसमें हादिया का नाम भी खुल गया है। 

 

बगैर मेेहरम महिलाएं कर सकती हैं हज 

केंद्र सरकार के आदेश के बाद अब बगैर मेेहरम के भी महिलाएं हज के लिए जा सकती हैं, लेकिन उनकी उम्र 45 से अधिक होनी चाहिए। इसी क्रम में उत्तराखंड से चार महिलाओं का ग्रुप हज करने जा रहा है। ग्रुप में तीन महिलाएं हल्द्वानी से और एक महिला ऊधमसिंह नगर से हैं। सभी की उम्र 45 से अधिक है। 

क्या है मेहरम

आपको बता दें कि मेहरम वह शख्स होता है, जिससे महिला की शादी नहीं हो सकती। जैसे पुत्र, पिता और सगे भाई। मेहरम की शर्त की वजह से पहले कई महिलाओं को परेशानी का सामना भी करना पड़ता था। साथ ही कई बार तो वित्तीय और दूसरे सभी प्रबंध होने के बावजूद सिर्फ इस पाबंदी की वजह से वे हज पर नहीं जा पाती थीं। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 70 सालों तक चली मेहरम की पाबंदी की व्यवस्था को भेदभाव और अन्याय करार दिया था। उन्‍होंने आगे कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने इस पाबंदी को हटा दिया है। 

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Posted By: Raksha Panthari

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