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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 19, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब सेहत संग आर्थिकी भी संवारेगा वेलनेस टूरिज्म, दी जाएंगी रियायतें भी

By Raksha PanthariEdited By:
Published: Tue, 19 May 2020 04:49 PM (IST)

उत्तराखंड में वेलनेस टूरिज्म अब सेहत के साथ आर्थिकी भी संवारेगा। सरकार की कोशिशें रंग लाईं तो आने वाले दिनों ...और पढ़ें

अब सेहत संग आर्थिकी भी संवारेगा वेलनेस टूरिज्म, दी जाएंगी रियायतें भी
अब सेहत संग आर्थिकी भी संवारेगा वेलनेस टूरिज्म, दी जाएंगी रियायतें भी

देहरादून, राज्य ब्यूरो। कोरोना को हराना है और आगे भी बढ़ना है। आर्थिकी संवारने को ऐसे कदम उठाने की दरकार है, जिसमें भीड़-भाड़ न हो और आय भी अधिक हो। वेलनेस टूरिज्म इसका सबसे बेहतर विकल्प बन सकता है। सरकार की कोशिशें रंग लाईं तो आने वाले दिनों में इसे राज्य की आय का बड़ा स्रोत बनते देर नहीं लगेगी। इस दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। योग-ध्यान, आयुर्वेद-पंचकर्म, स्पा, लग्जरी सेक्टर के साथ ही फॉरेस्ट रेस्ट हाउस को ऑनलाइन करने समेत अन्य उपायों का खाका खींचा जा रहा है। यही नहीं, राज्य में नैसर्गिक सौंदर्य से परिपूर्ण ऐसे स्थल चिह्नित किए जा रहे, जहां वेलनेस टूरिज्म से जुड़े प्रोजेक्ट आ सकें। वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने को कुछ रियायतें भी देने की तैयारी है।

भागदौड़ भरी जीवनशैली में बेहतर स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से दुनियाभर में लोगों का रुझान वेलनेस की तरफ बढ़ा है। यही वजह है कि देश-दुनिया के लोगों को उत्तराखंड की सुरम्य वादियां वेलनेस के लिए यहां खींच लाती हैं। सरकार भी वेलनेस सेक्टर को बढ़ावा देने की बात निरंतर करती आई है और इस क्रम में हर साल योग महोत्सव समेत अन्य आयोजन होते आए हैं। साथ ही ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेंटर बनाया जा रहा तो विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम को देश का पहला आध्यात्मिक ईको जोन घोषित कर इसे मूर्तरूप देने की तैयारी चल रही है। इस तरह के प्रयास सूबे में वेलनेस टूरिज्म को आगे बढ़ाने के मकसद से ही शुरू किए गए।

अब जबकि लॉकडाउन के बाद परिस्थितियां बदली हैं और आने वाले दिनों में फोकस घरेलू पर्यटन पर ही रहने की संभावना है। इसमें भी वेलनेस टूरिज्म को ज्यादा तवज्जो मिलने की उम्मीद है। क्योंकि इसमें लोगों की संख्या कम रहने के साथ ही आय अधिक होती है। इसके दृष्टिगत अब सरकार ने कवायद प्रांरभ कर दी है।

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर के अनुसार कोरोना से पहले भी यही निर्णय लिया गया था कि वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाना है। अब इसकी महत्ता और बढ़ गई है। सभी पहलुओं पर विचार कर वेलनेस टूरिज्म को आने वाले दिनों में गति देने के मकसद से तैयारियां की जा रही हैं। नए परिपेक्ष्य में कोविड-19 के प्रोटोकाल का अनुसरण करते वेलनेस टूरिज्म की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे।

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ये हो रहे प्रयास

  • प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण जिन स्थलों के नजदीक भूमि है, उसे वेलनेस टूरिज्म के मद्देनजर किया जा रहा चिह्नित
  • मदन नेगी, मरचूला समेत अन्य स्थानों पर वेलनेस प्रोजेक्ट लाने की कसरत, इसमें दी जाएंगी कुछ रियायतें
  • आध्यात्मिक ईको जोन विकसित करने कंसल्टेंसी निरंतरता के साथ जुटी है अपने कार्य में
  • वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के मद्देनजर व्यापक स्तर पर शुरू किया जाएगा प्रचार अभियान 

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