देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: त्रिवेंद्र रावत मंत्रिमंडल ने बुधवार को तीर्थनगरी ऋषिकेश और गढ़वाल के प्रवेशद्वार कोटद्वार का रुतबा बढ़ाकर इन्हें नगर निगम के रूप में सौगात दे दी। इसके साथ ही प्रदेश में अब नगर निगमों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। ऋषिकेश और कोटद्वार के नगर निगम बनने के बाद वहां के निवासियों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

ऋषिकेश नगर पालिका परिषद को नगर निगम का दर्जा देने के संबंध में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने फैसला लिया था, लेकिन तब नोटिफिकेशन नहीं हो पाया था। इसके अलावा तब आबादी के मानक भी पूरे नहीं हो पा रहे थे। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद मौजूदा भाजपा सरकार ने कुछ समय पहले निकाय क्षेत्रों का सीमा विस्तार किया। ऋषिकेश में दो क्षेत्र शामिल किए गए, जबकि कोटद्वार नगर पालिका परिषद में 73 गांव। इसके बाद से ही इन दोनों पालिकाओं का रुतबा बढ़ने के कयास लगाए जाने लगे थे।

सीमा विस्तार के बाद ऋषिकेश की आबादी करीब सवा लाख तो कोटद्वार की आबादी करीब पौने दो लाख पहुंच गई। यानी नगर निगम के लिए जनसंख्या का मानक पूरा हो गया। साथ ही क्षेत्रफल समेत अन्य मानक भी पूरे हो गए। यही नहीं, हाल में हुई ऋषिकेश नगर पालिका परिषद की बैठक में तो इसका बाकायदा प्रस्ताव पारित कर शासन को भेज दिया गया। बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में रखे गए इन दोनों नगर निगम के प्रस्तावों पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी।

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Posted By: Sunil Negi

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