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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Employee Grade Pay: उत्‍तराखंड में नए भर्ती होने वाले कार्मिकों का ग्रेड वेतन होगा केंद्र के समान

By Sunil NegiEdited By:
Published: Fri, 29 Jul 2022 08:46 AM (IST)

Employee Grade Pay उत्‍तराखंड में नए भर्ती होने वाले कार्मिकों का ग्रेड वेतन केंद्र के समान होगा। पहले से कार्यरत ...और पढ़ें

Employee Grade Pay विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्त होने वाले नए कार्मिकों का ग्रेड वेतन केंद्र के समान होगा।
Employee Grade Pay विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्त होने वाले नए कार्मिकों का ग्रेड वेतन केंद्र के समान होगा।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। Employee Grade Pay प्रदेश में विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्त होने वाले नए कार्मिकों का ग्रेड वेतन केंद्र के समान होगा। सरकार ने केंद्र के समान वेतन रखने के आदेश को अब सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। पहले से नियुक्त कार्मिकों पर यह निर्णय लागू नहीं होगा।

राज्य मंत्रिमंडल की बीते बुधवार को हुई बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। दरअसल सातवां वेतनमान लागू करने के साथ ही प्रदेश सरकार केंद्र के समान ही वेतनमान रखने का निर्णय ले चुकी है। यह अलग बात है कि इसे लागू नहीं किया जा सका। अब विभिन्न संवर्गों में केंद्रीय ग्रेड वेतन के साथ समानता रखी जाएगी। राज्य लोक सेवा आयोग, राज्य अधीनस्थ सेवा चयन आयोग समेत विभिन्न भर्ती आयोगों या संस्थाओं के माध्यम से भविष्य में होने वाली नई भर्तियों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी।

राज्य में पहले से ही कार्यरत कार्मिकों पर यह व्यवस्था लागू नहीं होगी। दरअसल विभिन्न निर्माण विभागों में कार्यरत अवर अभियंताओं, फार्मासिस्ट एवं पुलिस उप निरीक्षकों समेत कई संवर्गों का ग्रेड वेतन वर्तमान में केंद्र सरकार के समकक्ष पदों से अधिक है।

मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुसार अब अवर अभियंता और उनके समकक्ष संवर्गों और पुलिस उप निरीक्षक का ग्रेड वेतन 4600 के स्थान पर 4200 हो जाएगा। प्रदेश में कर्मचारी संगठनों की ओर से लगातार संशोधित कैरियर प्रोन्नति योजना (एमएसीपी) के स्थान पर कैरियर प्रोन्नति योजना (एसीपी) लागू करने की मांग भी की जा रही है। एमएसीपी में केंद्रीय वेतनमान से समानता रखी गई है।

वेतन विसंगति समिति सौंप चुकी है रिपोर्ट

प्रदेश सरकार ने एमएसीपी में संशोधन और एसीपी लागू करने समेत वेतन विसंगतियों के संबंध में पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में वेतन विसंगति समिति को अध्ययन कर रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी सौंपी थी। समिति इस संबंध में अपनी रिपोर्ट सौंप चुकी है। प्रदेश सरकार के इस निर्णय को समिति की संस्तुति को स्वीकार करने के रूप में देखा जा रहा है।

प्रदेश पर हर वर्ष बढ़ रहा वेतन-भत्ते, पेंशन का भार

उत्तराखंड पर हर वर्ष कार्मिकों के वेतन-भत्ते और पेंशन का भार बढ़ता जा रहा है। वर्तमान में उत्तराखंड उन गिने-चुने प्रदेशों में शामिल है, जहां कार्मिकों के वेतन पर सर्वाधिक खर्च हो रहा है। प्रदेश सरकार के इस निर्णय से नए नियुक्त होने वाले कार्मिकों को वर्तमान में अपने समकक्षों की तुलना में कम वेतन मिलेगा। यद्यपि यह केंद्र सरकार के बराबर होगा। सचिवालय में समीक्षा अधिकारी संवर्ग पर नए नियुक्त होने वाले कार्मिकों पर भी इस निर्णय का प्रभाव पड़ेगा।

संपर्क करने पर अपर मुख्य सचिव वित्त आनंद बर्द्धन ने मंत्रिमंडल के इस निर्णय की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शासकीय विभागों में होने वाली नई नियुक्तियों में केंद्र के समान ही ग्रेड वेतन दिया जाएगा। ग्रेड वेतन इससे अधिक नहीं होगा। पहले से कार्यरत कार्मिकों के लिए वर्तमान में लागू व्यवस्था जारी रहेगी।