उत्तराखंड नीट यूजी स्ट्रे वेकेंसी राउंड: एमबीबीएस-बीडीएस सीटों का शेड्यूल जारी, 21 तक करें आवेदन
प्रवेश की अंतिम तिथि 26 अक्टूबर है, जिसमें पहले पंजीकृत लेकिन सीट न पाने वाले और नए पात्र अभ्यर्थी भी ...और पढ़ें
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सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
स्ट्रे वेकेंसी राउंड के लिए 21 अक्टूबर तक करें पंजीकरण
सीट आवंटन 22 अक्टूबर को, प्रवेश की अंतिम तिथि 26 अक्टूबर
पात्र अभ्यर्थी नए सिरे से भरें कॉलेज और पाठ्यक्रम विकल्प
जागरण संवाददाता, देहरादून: एमबीबीएस और बीडीएस की रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए स्ट्रे वेकेंसी राउंड शुरू हो गया है। एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय ने इसका कार्यक्रम जारी कर दिया है। इच्छुक अभ्यर्थी 21 अक्टूबर शाम पांच बजे तक ऑनलाइन पंजीकरण, शुल्क भुगतान और विकल्प भर सकेंगे। सीट आवंटन 22 अक्टूबर को होगा, जबकि प्रवेश लेने की अंतिम तिथि 26 अक्टूबर निर्धारित की गई है।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल के अनुसार, काउंसलिंग में वे अभ्यर्थी भी हिस्सा ले सकते हैं, जिन्होंने पहले, दूसरे या तीसरे चरण में पंजीकरण कराया था, लेकिन उन्हें कोई सीट आवंटित नहीं हुई। इसके अलावा, पहले के चरणों में पंजीकरण नहीं कराने वाले पात्र अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं।
हालांकि, केंद्र या राज्य की काउंसलिंग के माध्यम से आवंटित सीट पर प्रवेश ले चुके अभ्यर्थी पात्र नहीं होंगे। तीसरे चरण में सीट आवंटित होने के बावजूद निर्धारित समय में प्रवेश नहीं लेने वाले अभ्यर्थी भी स्ट्रे चरण में शामिल नहीं हो सकेंगे।
नए सिरे से भरने होंगे विकल्प
स्ट्रे चरण में सभी पात्र अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन के साथ कालेजों और पाठ्यक्रमों के विकल्प नए सिरे से भरकर लाक करने होंगे। पहले के चरणों में भरे गए विकल्प स्वतः निरस्त माने जाएंगे। पंजीकरण शुल्क 4500 रुपये निर्धारित किया गया है। पहले पंजीकरण शुल्क और धरोहर राशि जमा कर चुके अभ्यर्थियों को दोबारा धरोहर राशि जमा नहीं करनी होगी, बशर्ते वह जब्त न हुई हो। हालांकि, उन्हें नया आवेदन और च्वाइस फिलिंग करनी होगी। अन्य अभ्यर्थियों को नियमानुसार पंजीकरण शुल्क और धरोहर राशि जमा करनी होगी।
22 अक्टूबर को सीट आवंटन, 26 अक्टूबर तक लेना होगा प्रवेश
आरक्षण का लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों के निवास, श्रेणी और उपश्रेणी संबंधी प्रमाण पत्र आवेदन की अंतिम तिथि से पहले जारी होने चाहिए। मूल प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर आरक्षित सीट के आवंटन में शामिल नहीं किया जाएगा। अंतिम चरण होने के कारण आरक्षित सीटों को राज्य सरकार की नीति के अनुसार परिवर्तित कर भरा जाएगा।
आवंटित सीट छोड़ने पर लगेगा एक साल का प्रतिबंध
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि आवंटित सीट पर प्रवेश नहीं लेने वाले अभ्यर्थी की धरोहर राशि जब्त की जा सकती है और उन्हें एक वर्ष के लिए नीट यूजी प्रवेश प्रक्रिया से प्रतिबंधित किया जा सकता है। अभ्यर्थियों को प्रवेश के लिए आवंटित कालेज में मूल दस्तावेजों के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।
