देहरादून, जेएनएन। प्रदेश में नामांकन पखवाड़े के तहत प्राथमिक स्तर पर 43157 दाखिले किए गए हैं। वहीं, उच्च प्राथमिक स्तर पर 37717 व माध्यमिक स्तर पर 40318 प्रवेश हुए हैं। 

इसके साथ ही विभिन्न विद्यालयों में प्रवेश लेने वाले बच्चों को बैग व अन्य शिक्षण सामग्री वितरित की गई। मध्याह्न भोजन में उन्हें विशेष भोज कराया गया। नव प्रवेशित बच्चों का शिक्षकों ने स्वागत किया।

सरकारी विद्यालयों में बच्चों के नामांकन के लिए एक से 16 अप्रैल तक प्रदेशभर में नामांकन पखवाड़ा मनाया गया और इसी के तहत स्कूलों में प्रवेशोत्सव भी मनाया गया। शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों ने अपने निकट के विद्यालयों में जाकर ग्राम शिक्षा समिति के सदस्यों व नामांकित बच्चों के अभिभावकों से विद्यालय में दी जा रही सुविधाओं पर चर्चा की। 

विद्यालयों में बच्चों द्वारा तैयार की गई विभिन्न शैक्षिक सामग्री की प्रदर्शनी भी लगाई गई। जिसका अभिभावकों व छात्र-छात्राओं के साथ विद्यालयों में उपस्थित अधिकारियों ने भी अवलोकन किया। महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा ज्योति यादव ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय नगला (रुद्रपुर), अपर सचिव रवनीत चीमा ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय पंडितवाड़ी, शिक्षा निदेशक राकेश कुंवर ने राजकीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ (रायपुर) व निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण सीमा जौनसारी ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामपुर, सहसपुर में प्रवेशोत्सव में प्रतिभाग किया। 

इस अवसर पर अभिभावकों से चर्चा करते हुए जौनसारी ने बताया कि सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाई जा रही हैं, ताकि इन विद्यालयों में पढऩे वाले बच्चे भी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि यह लोगों का भी दायित्व है कि वह न केवल अपने बच्चों को स्कूल भेजें, बल्कि आसपास के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। 

उन्होंने बताया कि सरकारी विद्यालयों में कक्षा एक से अंग्रेजी भाषा का शिक्षण शुरू किया गया है। कक्षा तीन से विज्ञान विषय को अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाया जा रहा है। यही नहीं विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षा भी शुरू की गई है। प्रवेश लेने वाले सभी बच्चों को विद्यालय में निश्शुल्क पाठ्यपुस्तक व गणवेश प्रदान की जाएगी।

 

शिक्षा की गुणवत्ता के लिए मिशन कोशिश

शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए विद्यालयों में मिशन कोशिश भी संचालित किया जा रहा है। इसके तहत अप्रैल व मई में पिछली कक्षा के उन संबोधों को पढ़ाया जा रहा है जिनमें बच्चों का संप्राप्ति स्तर कम है। इसके अलावा ङ्क्षहदी व अंग्रेजी भाषा और गणित पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ताकि बच्चे इनमें दक्ष हो सकें।

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Posted By: Bhanu

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