राज्य ब्यूरो, देहरादून: ऊर्जा के तीन निगमों के हड़ताली कार्मिकों को 21 घंटे के भीतर मनाने में सरकार को कामयाबी मिल गई। मंगलवार दोपहर ऊर्जा मंत्री डा हरक सिंह रावत ने कार्मिकों को मनाने के लिए मोर्चा संभाला। ऊर्जा मंत्री के साथ उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों की तकरीबन दो घंटा चली वार्ता में 14 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनी। सहमति के बिंदुओं की लिखित सहमति और कार्यवृत्त मिलने पर रात्रि करीब नौ बजे मोर्चा ने हड़ताल से कदम वापस खींचने की घोषणा की। मोर्चा ने आश्वासन के मुताबिक एक माह में मांगों पर कार्यवाही न होने पर दोबारा आंदोलन की चेतावनी दी है। उधर, हड़ताल खत्म होने से सरकार और आम जनता को राहत मिली है।

ऊर्जा के तीन निगमों के 3500 से ज्यादा काॢमक सोमवार मध्यरात्रि से हड़ताल पर चले गए थे। एसीपी की पुरानी व्यवस्था की बहाली और समान काम के लिए समान वेतन समेत 14 सूत्रीय मांगों को लेकर शासन के साथ बीते रोज वार्ता बेनतीजा रही। मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद ऊर्जा मंत्री डा हरक सिंह रावत ने तीनों निगमों के 13 कार्मिक संगठनों के संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधियों को सर्वे चौक स्थित आइटीडीए सभागार में वार्ता के लिए बुलाया। दोपहर करीब ढाई बजे शुरू हुई वार्ता करीब साढ़े चार बजे तक चली।

ऊर्जा मंत्री ने मोर्चा प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी जायज मांगों का जल्द समाधान किया जाएगा विभाग के स्तर की मांगों का जल्द निराकरण होगा। वहीं शासन स्तरीय मांगों के समाधान के लिए कमेटी बनाई गई है। इसकी रिपोर्ट मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने मांगों पर कार्यवाही के लिए एक माह की मोहलत मांगी। इसके बाद वार्ता में सहमति बन गई।

वार्ता के दौरान ऊर्जा व पिटकुल के प्रबंध निदेशक दीपक रावत, पूर्व प्रबंध निदेशक नीरज खैरवाल एवं निगमों के अन्य आला अधिकारी भी मौजूद रहे। मोर्चा के संयोजक इंसारूल हक ने कहा कि सहमति के बिंदुओं का कार्यवृत्त मिल चुका है। उन्होंने पर हड़ताल समाप्त होने की पुष्टि की। इससे पहले शासन ने बिजली कार्मिकों की हड़ताल को प्रतिबंधित कर एस्मा (उत्तरप्रदेश अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम, 1966) लगाने के आदेश ऊर्जा सचिव सौजन्या ने जारी किए।

ये हैं मुख्य मांगें:

  • ऊर्जा निगम में एसीपी की पुरानी व्यवस्था लागू की जाए
  • उपनल के माध्यम से कार्य कर रहे कार्मिकों का नियमितीकरण हो
  • निगम में समान कार्य को समान वेतन मिले
  • ऊर्जा निगमों में इंसेंटिव एलाउंसेज का रिवीजन किया जाए।

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Edited By: Raksha Panthri