विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 09, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तराखंड: 13 लाख से ज्यादा गरीब परिवारों को प्रति यूनिट पांच किलो खाद्यान्न, पढ़िए पूरी खबर

By Raksha PanthriEdited By:
Published: Sun, 09 May 2021 06:20 AM (IST)

कोरोना संकटकाल में परेशानहाल गरीब परिवारों को अब ज्यादा खाद्यान्न दिया जाएगा। प्रदेश के 13.84 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री गरीब ...और पढ़ें

13 लाख से ज्यादा गरीब परिवारों को प्रति यूनिट पांच किलो खाद्यान्न।
13 लाख से ज्यादा गरीब परिवारों को प्रति यूनिट पांच किलो खाद्यान्न।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। कोरोना संकटकाल में परेशानहाल गरीब परिवारों को अब ज्यादा खाद्यान्न दिया जाएगा। प्रदेश के 13.84 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाइ-3) के तीसरे फेज में मई और जून महीनों में प्रति यूनिट पांच-पांच किलो खाद्यान्न मुफ्त मिलेगा। इसमें तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल शामिल है। 

उत्तराखंड सरकार को केंद्र सरकार से दो महीने के लिए उक्त योजना के तहत खाद्यान्न का आवंटन प्राप्त हो गया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसएस) के तहत प्राथमिक और अंत्योदय परिवारों को चालू महीने से यह खाद्यान्न वितरण प्रारंभ कर दिया गया है। जून माह में भी उक्त योजना के तहत खाद्यान्न वितरण जारी रहेगा। खाद्य आयुक्त सुशील कुमार ने बताया कि एनएफएसएस के राशनकार्डधारकों को पूर्व निर्धारित व्यवस्था के तहत नियमित खाद्यान्न दिया जा रहा है। 

राज्य खाद्य योजना के तहत भी उपभोक्ताओं को खाद्यान्न मुहैया कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में निवास कर रहे अन्य राज्यों के प्रवासी भी वन नेशन वन राशनकार्ड योजना के माध्यम से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत खाद्यान्न ले सकते हैं। इसीतरह अन्य राज्यों में निवासरत प्रवासी उत्तराखंडी भी वहां यह लाभ ले सकते हैं।

गांधी अस्पताल में ओपीडी व इमरजेंसी सेवा शुरु हो

उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुकरेती ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को पत्र लिखकर गांधी शताब्दी अस्पताल में ओपीडी व आपातकाल सेवा की मांग की है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए दून व कोरोनेाशन में इलाज चल रहा है, ऐसे में गांधी शताब्दी में आपात सेवा के साथ ही ओपीडी सेवा शुरु की जाए, जिससे मरीज यहां लाभ उठा सकें। 

यह भी पढ़ें- उत्तराखंड: खेल और युवा कल्याण का एकीकरण अभी दूर, शासन में लंबित चल रही है फाइल

Uttarakhand Flood Disaster: चमोली हादसे से संबंधित सभी सामग्री पढ़ने के लिए क्लिक करें