देहरादून, जेएनएन। निरंजनपुर स्थित राष्ट्रीय कौशल विकास प्रशिक्षण संस्थान में कौशल विकास योजना की छमाही समीक्षा के दूसरे दिन उत्तराखंड, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और बिहार की समीक्षा हुई। 

उत्तराखंड में संचालित हो रहे सभी छह जन शिक्षण संस्थानों को अपने वार्षिक टारगेट पूरे करने के निर्देश दिए गए। एक भी संस्थान पहले छह महीनों में पर्याप्त लोगों को ट्रेनिंग देने में सफल नहीं रहा। हालांकि, अभी संस्थानों के पास इस टारगेट को पूरा करने के लिए अगले छह महीनों का समय बाकी है।

दिल्ली निदेशालय के अपर निदेशक डॉ. रामकृष्ण सूरा की अध्यक्षता में बैठक हुई। उन्होंने उत्तराखंड के सभी केंद्रों को फील्ड में क्रियाकलाप बढ़ाने पर जोर दिया। कहा कि बिना फील्ड में काम किए केंद्रों का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता। उत्तराखंड में वर्तमान में छह जिलों में जन शिक्षण संस्थान संचालित हो रहे हैं। जिसमें देहरादून, टिहरी, चमोली, नैनीताल, अल्मोड़ा और बागेश्वर शामिल हैं। उन्होंने पहाड़ी जिलों में संचालित हो रहे संस्थानों को हैंडीक्राफ्ट के क्षेत्र में काम करने की सलाह दी। 

वहीं राजधानी दून समेत अन्य मैदान से लगे संस्थानों को उत्पादन क्षेत्र में काम करने को कहा। कहा कि पहाड़ में बांस और रिंगाल का प्रयोग कर हैंडीक्राफ्ट बनाए जा सकते हैं। मौजूदा समय में हैंडीक्राफ्ट की डिमांड बढ़ती जा रही है। बैठक में दिल्ली निदेशालय के सह निदेशक अमर जीत सिंह, दून निदेशालय के एचओडी शाजहां एम, दून जन शिक्षण संस्थान के निदेशक इंद्र जय असवाल, डॉ. जितेंद्र तिवारी, गिरीश धवन समेत अन्य लोग मौजूद रहे।चमोली की स्थिति दयनीय

समीक्षा के दौरान चमोली जिले में संचालित हो रहे संस्थान की स्थिति काफी दयनीय नजर आई। समीक्षकों ने चमोली के संस्थान निदेशक को फील्ड में काम करने पर जोर दिया। नाराजगी जताते हुए अपर निदेशक सूरा ने चमोली संस्थान को अपनी रिपोर्ट में सुधार करने के निर्देश दिए। संस्थान को एससी और एसटी वर्ग के लोगों के दाखिलों की संख्या बढ़ाने के लिए भी आदेशित किया गया।

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कुपवाड़ा और लाहौल-स्पीति के संस्थानों की सराहना 

उत्तराखंड के अलावा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश के जन शिक्षण संस्थानों की समीक्षा हुई। अपर निदेशक सूरा और उनकी टीम ने कठिन परिस्थितियों में उत्कृष्ट काम करने के लिए जम्मू- कश्मीर के कुपवाड़ा और हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति संस्थान की सराहना की। कुपवाड़ा में संस्थान के निदेशक इरशाद सोफी को कश्मीर बंद के समय युवाओें के बीच अभियान चलाकर सफल कॅरियर काउंसिलिंग कैंप आयोजित करने के लिए सराहना मिली।

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सोफी ने बताया कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद क्षेत्र में गंभीर माहौल था। ऐसी परिस्थिति में भी सकारात्मकता के साथ काम करके 250 युवाओं को सफल काउंसिलिंग दी गई। इसके अलावा समीक्षकों ने बिहार को एससी और एसटी वर्ग में दाखिलों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उत्तर प्रदेश के शिक्षण संस्थानों को अपने-अपने केंद्रों पर स्वयं सहायता समूहों का गठन करने और इन्हें मजबूती के साथ काम करने के आदेश दिए गए।

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