देहरादून, जेएनएन: कृषि उत्पादन मंडी समिति, देहरादून में स्थापित ऑर्गनिक वेस्ट कन्वर्टर (ओडब्ल्यूसी) अब रोजाना 12 घंटे संचालित होगा। अभी तक यह प्रतिदिन आठ घंटे चलता है। 'माय सिटी माय प्राइड' महाभियान के दौरान बनी सहमति के आधार पर मंडी समिति ने यह निर्णय लिया है। ओडब्ल्यूसी के 12 घंटे संचालित होने से रोजाना करीब 15 टन जैविक कचरे का निस्तारण कर इससे खाद बनाई जा सकेगी। मंडी समिति के सचिव विजय थपललियाल के मुताबिक कन्वर्टर की क्षमता के अनुरूप ताजा जैविक कचरा रोजाना मुहैया कराने के संबंध में नगर निगम के नगर आयुक्त को पत्र भी भेजा जा रहा है।

निरंजनपुर स्थित मंडी स्थल से रोजाना निकलने वाले जैविक कचरे के निस्तारण व इसे आय का जरिया बनाने के उद्देश्य से मंडी परिसर में 10 टन क्षमता का ओडब्ल्यूसी स्थापित किया गया है । इसमें अभी केवल मंडी से निकलने वाले जैविक कचरे से ही खाद बनाई जा रही है। 'माय सिटी माय प्राइड' महाभियान के दौरान हुई 'राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस' में शहर में ऐसे प्रयासों की जरूरत बताई गई थी। साथ ही मंडी में स्थापित ओडब्ल्यूसी की क्षमता बढ़ाने और इसे चलाने का समय बढ़ाने पर मंडी समिति ने सहमति दी थी। अब इस दिशा में पहल प्रारंभ हो गई है। 

विजय थपलियाल ने बताया कि ओडब्ल्यूसी को अब रोजाना 12 घंटे चलाने के मद्देनजर इसी हिसाब से जैविक कचरे की उपलब्धता जरूरी है। इस बारे में नगर निगम के मुख्य नगर आयुक्त से बात हुई थी और उन्होंने ताजा जैविक कूड़ा उपलब्ध कराने पर सहमति दी थी। इस बारे में उन्हें पत्र भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभी ओडब्ल्यूसी में रोजाना 10 कचरे की खपत हो रही है। इसके संचालन में चार घंटे की बढ़ोत्‍तरी से कचरे की खपत 15 टन हो जाएगी।

By Krishan Kumar