देहरादून: दैनिक जागरण की पहल 'माय सिटी माय प्राइड' महाभियान ने अब मंजिल की ओर कदम बढ़ाए हैं। इस कड़ी में खुशनुमा आबोहवा की पहचान रखने वाले देहरादून शहर की प्रगति और बेहतरी के लिए तय किए गए मुद्दों के समाधान की दिशा में कार्य प्रारंभ हो गया है। शहर के सरकारी स्कूलों में 'खेल कोना' बनाने के लिए धाद संस्था ने प्रस्ताव तैयार किया है तो राज्य सहकारी बैंक ने इसमें सहयोग देने की बात कही है।
वहीं, गति फाउंडेशन ने तीन स्कूलों को प्लास्टिक फ्री स्कूल बनाने का प्रस्ताव तैयार कर यूजेवीएनएल को सौंप दिया है। मंडी समिति में कूड़े से जैविक खाद बनाने के संयत्र की क्षमता बढ़ाने के मद्देनजर कार्रवाई चल रही है। मनुर्भव संस्था ने वह बस्तियों के बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा वाले स्कूलों में दाखिले की तैयारी कराने की पहल प्रारंभ कर दी है। एक जुलाई से चल रहे माय सिटी माय प्राइड अभियान के तहत देहरादून शहर से जुड़े शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिकी, इन्फ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा जैसे पिलरों पर विभिन्न कार्य तय किए गए।

22 सितंबर को हुए फोरम में राज्य सरकार की ओर से इन पिलरों की कसौटी पर दून को बेहतर शहर बनाने का वादा किया गया तो विभिन्न संस्थाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने इसमें सक्रिय भागीदारी का भरोसा दिलाया। इसके तहत तय मुद्दों के समाधान की दिशा में पहल प्रारंभ हो गई है ।

शिक्षा : अच्छे स्कूलों में दाखिला लेंगे गरीब बच्चे
गरीब बच्चों को अच्छे स्कूलों में दाखिला दिलाने के मद्देनजर मनुर्भव संस्था उन्हें इस लायक तैयार कर रही है। इसके लिए बच्चों को चयनित कर सुद्धोवाला में उनके लिए कक्षाएं प्रारंभ हो गई हैं। इनमें बच्चे उत्साह के साथ भागीदारी कर रहे हैं। यही नहीं, मनुर्भव संस्था की ओर से जेल से छूटने वाले बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए उनके पुनर्वास के मद्देनजर प्रस्ताव तैयार कर सीएसआर के तहत ओएनजीसी को भेजा जा रहा है।

सरकारी स्कूलों में बनेगा खेल कोना
धाद संस्था की ओर से शहर में ऐसे 20 विद्यालय (10 माध्यमिक व 10 जूनियर-प्राथमिक स्तर) चयनित किए गए हैं, जहां बच्चों को खेल सामग्री प्रदान करने के मद्देनजर खेल कोना बनाया जाएगा। इसका प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक इस प्रस्ताव पर सहयोग देने की हामी भर चुका है। इसके अलावा अन्य कंपनियों व संस्थाओं की मदद भी इसमें ली जाएगी।
इन्फ्रा : 10 कॉलोनियों में लगेंगी कंपोस्टिंग यूनिट
दून में कचरा निस्तारण एक बड़ी चुनौती है। शहर से रोजाना तीन सौ मीट्रिक टन कचरा निकलता है। यदि इसमें से जैविक कचरे का उपयोग खाद में हो जाए तो सोने में सुहागा। ऐसे में कूड़ा-कचरा निस्तारण को हर स्तर पर प्रयास की दरकार महसूस की जा रही है। यूजेवीएनएल की ओर से आश्वस्त किया गया है कि वह सीएसआर फंड से शहर की विभिन्न कॉलोनियों में 10 कंपोस्टिंग यूनिट लगवाएगा। इस मुहिम में दून रेजीडेंट्स वेलफेयर फ्रंट मदद करेगा।
प्लास्टिक फ्री स्कूल
पर्यावरण के लिए खतरनाक साबित हो रहे पॉलीथिन व प्लास्टिक कचरे को लेकर जनजागरण के उद्देश्य से गति फाउंडेशन ने पहले चरण में तीन स्कूलों को प्लास्टिक फ्री स्कूल बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह प्रस्ताव यूजेवीएनएल को सीएसआर के तहत भेजा चुका है। इस पर सहमति बन चुकी है और यूजेवीएनएल की ओर से जल्द इसे हरी झंडी देने की बात कही गई है।
तैयार हो रहा प्रस्ताव
शहर में सार्वजनिक शौचालयों की कमी के मद्देनजर गति फाउंडेशन प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इसमें देहरादून पुलिस की ओर से पूर्व में कराए गए सर्वे की मदद ली जा रही है। यह प्रस्ताव तैयार विधायकों को सौंपा जाएगा। विधायक पूर्व में इस संबंध में आश्वासन भी दे चुके हैं।
सुरक्षा : साइबर जागरूकता की पहल
साइबर क्राइम से दून भी अछूता नहीं है। जानकारी के अभाव में तमाम लोग साइबर ठगों का निशाना बनकर जीवनभर की जमा पूंजी गंवा रहे हैं। इसे देखते हुए एसटीएफ के सहयोग से जागरूकता की पहल शुरू की गई है। सबसे पहले शास्त्रीनगर कॉलोनी में कार्यशाला आयोजित की गई। अन्य स्थानों पर भी इसकी रूपरेखा तय की गई है।
सालभर में कैमरों से आच्छादित होगा शहर
शहर की सुरक्षा मजबूत करने के लिए दून को सीसीटीवी कैमरों से आच्छादित करना समय की मांग है। शहरी विकास मंत्री पहले ही भरोसा दिला चुके हैं कि सालभर में पूरा शहर सीसीटीवी कैमरों से आच्छादित होगा। इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कॉलोनियों के लिए 10 सीसीटीवी कैमरे देने की बात कही है। यही नहीं, शहर के विधायक भी सीसी कैमरों के लिए विधायक निधि से राशि देने पर सहमति जता चुके। इस पहल में आने वाले दिनों में तेजी आएगी।
स्वास्थ्य: जल्द लगेंगे स्वास्थ्य शिविर
सरकारी स्कूलों के साथ ही अन्य स्थानों पर जल्द ही श्री महंत इंदिरेश अस्पताल, दून नर्सिंग होम, एचआइएचटी के जरिये स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाएंगे। इस पर दोनों अस्पतालों ने सहमति दी है।

By Krishan Kumar