देहरादून, जेएनएन। उत्तराखंड को वीरभूमि यूं ही नहीं कहा जाता। प्रदेश के जांबाजों के साहस और शौर्य के अनेक किस्से सैन्य इतिहास में दर्ज हैं। वीरता पदक की सूची उनकी शौय की कहानी बयां करती है। ऐसा ही एक नाम है दून निवासी मेजर रोहित शुक्ला का।

मेजर शुक्ला को इस गणतंत्र दिवस पर सेना मेडल से अलंकृत किया गया है। पिछले साल उन्हें शौर्य चक्र से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने ही मोस्ट वांटेड आतंकी समीर बट्ट उर्फ समीर टाइगर को मौत के घाट उतारा था। बता दें, पिछले साल 30 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पुलगावा में सेना के जवानों ने एनकाउंटर किया था। इस एनकाउंटर में जवानों ने आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन के एक सदस्य समीर बट्ट उर्फ समीर टाइगर को मौत के घाट उतार दिया था।
एनकाउंटर से पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें आतंकी समीर टाइगर ने मेजर शुक्ला को धमकी दी थी कि अगर मां का दूध पिया हो तो सामने आएं। इस वायरल वीडियो के 24 घंटे के भीतर मेजर शुक्ला ने आतंकी समीर को मौत के घाट उतार दिया था। हालांकि, मेजर शुक्ला सहित कुछ अन्य जवान घायल भी हुए थे। यह उनका साहस और शौर्य ही है, जिस कारण उन्हें लगातार दो बार वीरता पदक से अलंकृत किया गया। वह 40 ऑपरेशनों की कमान संभाल चुके हैं।
इधर, देहरादून के डालनवाला निवासी मेजर शुक्ला के पिता अधिवक्ता ज्ञान शुक्ला व मां विजय लक्ष्मी शुक्ला सहित अन्य परिजनों ने इस पर खुशी जाहिर की। मेजर शुक्ला ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट जोजफ्स ऐकेडमी से ली है। प्रधानाचार्य ब्रदर बाबू वर्गिस का कहना है यह स्कूल के लिए गौरव क्षण हैं।

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