देहरादून, जेएनएन। प्रदेश में कोरोना की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। बाहरी राज्यों से उत्तराखंड आने वालों का क्रम जारी है और उसी के साथ संक्रमितों की संख्या भी बढ़ रही है। चिंताजनक यह कि अब स्थानीय स्तर पर बिना ट्रेवल हिस्ट्री वाले लोग भी पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। सुकून बस इस बात का है कि अब रोजाना जितने मरीज आ रहे हैं उससे स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो जा रहे हैं। बुधवार को प्रदेश में कोरोना के 66 नए मामले आए, तो इससे ज्यादा 86 ठीक भी हुए हैं। बता दें, अब तक उत्तराखंड में कोरोना के 2947 मामले आ चुके हैं। जिनमें 78.62 फीसदी यानि 2317 स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में 562 मरीज प्रदेश के विभिन्न कोविड केयर सेंटर और अस्पतालों में भर्ती हैं। कोरोना संक्रमित 41 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 27 मरीज राज्य से बाहर जा चुके हैं। 

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार को 1554 सैंपल की जांच रिपोर्ट मिली है। जिनमें 1488 की रिपोर्ट नेगेटिव और 66 केस पॉजिटिव हैं। इनमें सर्वाधिक 22 मामले जनपद नैनीताल से हैं। जिनमें सात दिल्ली व एक व्यक्ति मुरादाबाद से लौटा है। चौदह अन्य लोग पूर्व में संक्रमित पाए गए व्यक्तियों के संपर्क में आए हैं। देहरादून में भी बीस नए मामले आए हैं। इनमें चैन्नई, हरियाणा, राजस्थान, कर्नाटक, जबलपुर और पश्चिम बंगाल से लौटे सेना के आठ जवान भी शामिल हैं। यह सभी यहां क्वारंटाइन थे। इसके अलावा एम्स ऋषिकेश के एक स्वस्थ्य कर्मी, वहां भर्ती दो मरीज और गाजियाबाद, मुंबई और अफगानिस्तान से लौटे एक-एक व्यक्ति की भी रिपोर्ट पॉजिटिव है। 

तीन पूर्व में संक्रमित पाए गए व्यक्तियों के संपर्क में आए लोग हैं। इसके अलावा तीन लोग ऐसे हैं जिनकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। अल्मोड़ा में दिल्ली-एनसीआर से लौटे पांच लोगों की रिपोर्ट पॉजीटिव है। वहीं हरिद्वार में संक्रमित मिले दो लोग चैन्नई व फरीदाबाद से लौटे हैं। चंपावत में जिन दो लोगों की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है उनकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। टिहरी में मुंबई से लौटे चार लोग संक्रमित मिले हैं। उत्तरकाशी में भी नौ नए मामले हैं। इनमें तीन दिल्ली, दो चंडीगढ़ व एक गुरुग्राम से लौटा व्यक्ति है। अन्य चार लोगों की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। 

ऊधमसिंहनगर में भी दो केस पॉजीटिव हैं। इनमें एक व्यक्ति गाजियाबाद ले लौटा है और दूसरा शख्स पूर्व में संक्रमित पाए गए व्यक्ति के संपर्क में आया है। इधर, बुधवार को ऊधमसिंहनगर से 43,उत्तरकाशी से तेरह, पिथौरागढ़ से आठ, अल्मोड़ा, हरिद्वार व नैनीताल से पांच-पाच, पौड़ी से दो और बागेश्वर से एक व्यक्ति डिस्चार्ज हुआ है।

चंपावत जिले में चौबीस घंटों में तीन मामले आए सामने 

चंपावत जिले में 24 घंटे के भीतर कोराना के तीन नए मामले सामने आने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मंगलवार को टनकपुर में दो और बुधवार को एक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आने से जिले में कुल संक्रमितों का आंकड़ा 57 पहुंच गया है। बुधवार को नगर पालिका टनकपुर की एक महिला कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाई गई हैं। रिपोर्ट आने के बाद महिला को आइसोलेट करने के साथ पालिका कार्यालय को सील कर दिया गया है। 

जयहरीखाल में कोरोना वायरस का पहला मामला 

सुबह ही पौड़ी जिले के जयहरीखाल कस्बे में कोरोना संक्रमण का पहला मामला सामने आया है। प्रशासन की ओर से कोरोना रिपोर्ट में पुष्टि होने के बाद मरीज को जयहरीखाल से कोटद्वार के आईसूलेशन वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है। एसडीएम लैंसडौन अर्पणा ढौढ़ियाल ने जयहरीखाल के एक प्राइवेट ठेकेदार में कोरोना संक्रामण की रिपोर्ट पॉजीटिव आने की पुष्टि की है। 

एसडीएम ने बताया की बीती 20 जून को देहरादून का एक ठेकेदार लोनिवि लैंसडौन पहुंचा था। इस ठेकेदार के परिजनों में कोरोना संक्राण के लक्षण पाए गए थे। प्रशासन की  ओर से ठेकेदार के संपर्क में आने वाले दस लोगों को 23 जून को जयहरीखाल के एक होटल में क्वाटांइन किया गया था।  इनमें से एक प्राइवेट ठेकेदार की रिपोर्ट बुधवार को पॉजीटिव पाई गई है। एसडीएम अर्पणा ढौढ़ियाल ने बताया की 28 वर्षीय ठेकेदार को जयहरीखाल से कोटद्वार में बनाए गए आईसूलेशन सेंटर में शिफ्ट किया जा रहा है।

सीमांत जनपद उत्तरकाशी में कोरोना का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। आज नौ पॉजिटिव केस आए हैं। कलक्टेट चौक के पास चार लोग एक ही परिवार के हैं। वहीं, पांच अन्य लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई। उत्तरकाशी जिले में कोरोना पॉजिटिव के मामलों की संख्या 75 पहुंच चुकी है। वहीं, चंपावत जिले में देर रात एक और व्यक्ति के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई। जनपद में संक्रमितों की संख्या 56 पहुंच चुकी है। वहीं, अब 8 एक्टिव का इलाज चल रहा है। 47 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। 

प्रदेश में अब तक कोरोना संक्रमण के 2892 मामले आए हैं। इनमें 2232 यानि 77.44 फीसदी स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में विभिन्न अस्पतालों में 593 मरीज भर्ती हैं। कोरोना संक्रमित 27 मरीज राज्य से बाहर जा चुके हैं। वहीं, 41 मरीजों की मौत भी हो चुकी है। जिनमें दो मौत मंगलवार को पटेलनगर स्थित एक निजी अस्पताल से रिपोर्ट हुई हैं। इनमें 22 वर्षीय एक युवती व 63 वर्षीय बुजुर्ग शामिल हैं।

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार गत रात को 1197 सैंपलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई है। जिनमें 45 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। ऊधमसिंहनगर में सबसे अधिक 28 संक्रमित मिले हैं। इनमें एक स्वास्थ्य कर्मी भी है। चार लोग ऐसे हैं जो पूर्व में संक्रमित पाए गए मरीज के संपर्क में आए हुए हैं। अन्य दिल्ली, पंजाब, नोएडा, हरियाणा व महाराष्ट्र से वापस लौटे हैं। इस रिपोर्ट के बाद उत्तरकाशी जिले में नौ और चंपावत जिले में एक कोरोना संक्रमित मिला।  

देहरादून में सेना के जवान सहित छह और लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव है। सैन्य कर्मी कुछ दिन पहले राजस्थान से लौटा है। बागेश्वर व उत्तरकाशी में भी दो- नए मामले सामने आए हैं। इसके अलावा चमोली, चंपावत व पौड़ी में एक-एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया।

संक्रमण के लिहाज से अनलॉक 2.0 के शुरुआती दिन अहम

उत्तराखंड में कोरोना की दस्तक के 108 दिन बीत गए हैं। इस दौरान संक्रमित मरीजों का आंकड़ा जहां तीन हजार के करीब पहुंचने को है, वहीं 41 की मौत भी हो चुकी है। राहत की बात यह है कि कोरोना संक्रमित कुल मरीजों में से 77 फीसद ठीक हो चुके हैं। आज से अनलॉक का दूसरा चरण शुरू हो रहा है। ऐसे में कुछ चीजों पर लगी पाबंदियां भी हटी हैं। 

मसलन होटल-रेस्तरां खुल रहे हैं और बाजार/दुकानें भी रात आठ बजे तक खुली रहेंगी। ऐसे में कोरोना का संक्रमण और बढ़ने की आशंका है। बहरहाल, शारीरिक दूरी व सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी का सख्ती से पालन कराने के लिए सरकारी मशीनरी सक्रिय है।

जानकार भी इस बात में इत्तेफाक रखते हैं कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के लिहाज से जुलाई के शुरुआती दिन अहम होंगे। इस दौरान संक्रमण का घटता अथवा बढ़ता ग्राफ इस बात का संकेत देगा कि उत्तराखंड में आखिर कब तक कोरोना का संकट बना रह सकता है। कोरोना के अलावा डेंगू का खतरा भी सामने खड़ा है। ऐसे में बरसात के इस मौसम में सिस्टम को भी एक साथ दो-दो चुनौतियों से लड़ना पड़ सकता है।

इधर, कोरोना के बढ़ते संक्रमण को मद्देनजर रखते हुए स्वास्थ्य विभाग जांच का दायरा लगातार बढ़ा रहा है। इसके पीछे उद्देश्य यह कि संक्रमित मरीजों की जल्द पहचान कर वायरस को सामुदायिक स्तर पर फैलने से रोकना है। जबकि प्रयोगशालाओं में लगातार बैकलॉग बढ़ा हुआ है।

प्रदेश से कोरोना जांच के लिए अब तक 69 हजार से अधिक सैंपल भेजे गए हैं। जिनमें 57 हजार 862 मामलों में रिपोर्ट निगेटिव और 2881 मामलों में पॉजिटिव आई है। वहीं विभिन्न लैबों में 5709 सैंपल फिलवक्त पेंडिंग हैं, जिनकी जांच रिपोर्ट आनी बाकी है।

देहरादून में समाप्त हुए ये केटेनमेंट जोन 

दून: वसंत विहार के फेज दो में ट्रांसफार्मर वाली लगी और खुड़बुड़ा मोहल्ले का इलाका।

विकासनगर: हड़ोवाला में अशोक आश्रम के पास बाड़वाला का इलाका व पसौरी गांव में वार्ड-8 का क्षेत्र।

स्वास्थ्य कर्मियों की पीठ थपथपाई

कोरोना संक्रमण के खिलाफ छिड़ी जंग में अग्रिम मोर्चे पर डटे चिकित्सकों, नर्सो व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के कार्यो की सराहना राज्य मंत्रिमंडल ने भी की है। कोरोनाकाल के दौरान फ्रंटलाइन के इन कर्मवीरों के अस्पतालों से लेकर सैंपलिंग, क्वारंटाइन सेंटर व होम क्वारंटाइन आदि से जुड़े कार्यो से राज्य सरकार गद्गद है। इस बात की जानकारी स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने पत्र लिखकर स्वास्थ्य महानिदेशक को दी है।

यह भी पढ़ें: कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के घर की सड़क खुली, कंटेनमेंट जोन खत्म

इसके बाद स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अमिता उप्रेती ने गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के निदेशक, सभी जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अस्पतालों के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक व स्वास्थ्य एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य को पत्र भेजा है। कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम और बचाव के लिए स्वास्थ्य कर्मियों ने बेहतरीन काम किया है। इसीलिए संक्रमण काफी हद तक नियंत्रण में है। इसके लिए सरकार ने उनकी सराहना की है।

यह भी पढ़ें: Coronavirus: उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और परिवार ने दी कोरोना को मात

Posted By: Bhanu Prakash Sharma

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस