जागरण संवाददाता, देहरादून। नागरिकों की स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च करने में उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में सबसे पीछे चल रहा है। यहां पिछले तीन साल में प्रति व्यक्ति रोजाना महज 5.38 रुपये खर्च किए गए हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं पर बजट की स्थिति का विश्लेषण सोशल डेवलपमेंट फार कम्युनिटी (एडीसी) फाउंडेशन ने किया है। रिपोर्ट तीन वर्ष (2017 से 2019 तक) में किए गए खर्च की स्थिति पर तैयार की गई है।

एडीसी फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष अनूप नौटियाल के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैैंक की स्टेट फाइनेंस-2019 की फैक्टशीट के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है। फैक्टशीट बताती है कि वर्ष 2017 से 2019 के बीच स्वास्थ्य सुविधाओं में सर्वाधिक धनराशि 28,417 रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से अरुणाचल प्रदेश ने खर्च की। वहीं, उत्तराखंड में 5,887 रुपये खर्च किए गए। नौटियाल ने कहा कि राज्य में कोरोना की दूसरी लहर धीमी पड़ रही है। यह सही समय है कि राज्य में स्वास्थ्य सेवा पर खर्च किए जाने वाले बजट पर बात की जाए। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के कार्यों में उत्तराखंड के समक्ष तमाम तरह की चुनौती आईं और कई दफा हालात बेकाबू भी दिखे। अगर समय रहते स्वास्थ्य सुविधाओं पर अधिक ध्यान दिया जाता तो चुनौतियों को कम किया जा सकता था।

हिमालयी राज्यों में प्रति व्यक्ति स्वास्थ्य पर खर्च की स्थिति (2017 से 2019 तक)

  • राज्य, खर्च (रुपये में)
  • अरुणाचल प्रदेश-28,417
  • सिक्किम-21,137
  • मिजोरम-16,712
  • हिमाचल प्रदेश-10,176
  • मेघालय-9,856
  • जम्मू एंड कश्मीर-9,469
  • मणिपुर-7,755
  • त्रिपुरा-7,156
  • उत्तराखंड-5,887

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Edited By: Sunil Negi