देहरादून, राज्य ब्यूरो। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन बुधवार को सदन में उठे तमाम मामलों पर चर्चा के दौरान किसी ने चुटकी ली तो किसी ने शब्दबाण छोड़े। इसमें न तो सत्ता पक्ष पीछे रहा और न विपक्ष। ऐसे में कभी माहौल हल्का-फुल्का बना तो कभी गंभीर।

क्या ये लोकसभा है...

सदन में बुधवार को कांग्रेस ने महंगाई का मुद्दा रखा। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने महंगाई पर बात रखते हुए कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार महंगाई के मुद्दे पर ही सत्ता में आई थी। इस पर संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने प्रीतम सिंह की ओर मुखातिब होते हुए चुटकी ली, 'क्या ये लोकसभा है। आपने भी तो लोकसभा का चुनाव लड़ा।'

हम नहीं भिड़ने वाले

नियम-58 की ग्राह्यता पर सुने जा रहे गैरसैंण में सत्र के मसले का जवाब देते हुए संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने ये कभी नहीं कहा कि गैरसैंण में सत्र नहीं होना चाहिए। उनके द्वारा सुरक्षाकर्मियों व अन्य कर्मियों के लिए जगह की व्यवस्था की बात कही गई थी। इस पर उपनेता प्रतिपक्ष करन माहरा ने चुटकी लेते हुए कहा, 'मंत्री जी आप सिमौण के पत्ते की तरह लगते हो, जो दोनों तरफ एक जैसा होता है। आप कुछ भी कह लो, हम नहीं भिड़ने वाले।'

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प्याज, लहसुन का मंत्रीजी को क्या अहसास

महंगाई के मुद्दे पर चर्चा के दौरान विपक्ष के सदस्यों ने चुटकी ली कि संसदीय कार्यमंत्री को प्याज, लहसुन का क्या अहसास होगा, क्योंकि वे प्याज, लहसुन खाते ही नहीं हैं। वहीं एक विधायक ने प्याज के फायदे गिना डाले और कहा कि प्याज व गुड़ किसान के भोजन में शामिल है। प्याज औषधि भी है, जो लू लगने से भी बचाता है।

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