देहरादून, राज्य ब्यूरो। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं वनाधिकार आंदोलन के संयोजक किशोर उपाध्याय ने कहा कि वन, पर्यावरण संबंधी कानूनों में संशोधन होना चाहिए। राज्य में जन अधिकारों को लेकर जल्द आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी। 

बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में किशोर उपाध्याय ने कहा कि वन, पर्यावरण, जल, वन्य जीव को लेकर बने कानून स्थानीय समुदायों के हक को मार रहे हैं। वनों के पास रहने वाले व्यक्तियों के लिए जीना मुहाल हो गया है। उन्हें जलावन लकड़ी की क्षतिपूर्ति के लिए एक गैस सिलिंडर के साथ बिजली व पानी की मुफ्त सुविधा दी जानी चाहिए। चिपको आंदोलन की धरती खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।

उन्होंने उत्तराखंडियों को केंद्र सरकार की सेवा में आरक्षण, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की पैरवी की। उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों से जनहानि पर 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट काल में राज्यवासियों की परेशानी में इजाफा हो गया है। बैंकों का कर्ज नहीं चुकाने वालों को सरकार प्रताडि़त कर रही है। इस मौके पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ एसएन सचान, बच्चीराम कौंसवाल, राजेंद्र सिंह भंडारी समेत वनाधिकार आंदोलन से जुड़े व्यक्ति मौजूद थे। 

विकास के एजेंडे ने दिलाई जीत: महाराज

पर्यटन एवं सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के एजेंडे ने बिहार विधानसभा के चुनाव सहित अन्य राज्यों में हुए उपचुनाव में एनडीए और भाजपा को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।  महाराज ने कहा कि इन चुनावों में मिली सफलता से यह फिर जाहिर हो गया है कि पूरा देश प्रधानमंत्री के विकास के एजेंडे पर चलना चाहता है। उन्होंने कहा कि कोविड की वजह से जिन असाधारण हालत में बिहार विधानसभा चुनाव हुए और भाजपा जिस मजबूती के साथ उभर कर आई, वह इस बात का प्रमाण है कि देश की जनता प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के साथ दृढ़ता से खड़ी है। जनता यह भली भांति जानती है कि विकास और बुनियादी ढांचे में कोई सुधार कर सकता है तो वह भाजपा ही है।

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Edited By: Sunil Negi