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    Kedarnath Yatra 2022: भगवान शिव को सबसे प्रिय है ब्रह्मकमल पुष्प, भक्‍त बाबा को चढ़ा रहे इसकी माला

    Kedarnath Yatra 2022 केदारनाथ में भक्त ब्रह्मकमल के फूलों की मालाएं भोले बाबा को चढ़ा रहे हैं। ब्रह्मकमल पुष्‍प भगवान शिव का सबसे प्रिय पुष्प माना जाता है। इन दिनों केदारनाथ की ऊंची पहाड़ियों पर यह पुष्‍प बड़ी संख्या में होता है।

    By Sunil NegiEdited By: Updated: Mon, 01 Aug 2022 09:08 PM (IST)
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    सावन के अवसर पर भक्त केदार बाबा को ब्रह्मकमल के फूलों की माला चढ़ा रहे हैं। फोटो सतीश गैरोला

    संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग : Kedarnath Yatra 2022: सावन के महीने में केदारनाथ में भक्त बड़ी संख्या में ब्रह्मकमल के फूलों की मालाएं भोले बाबा को चढ़ा रहे हैं। भगवान शिव का सबसे प्रिय पुष्प ब्रह्मकमल माना जाता है। केदारनाथ की ऊंची पहाड़ियों पर इन दिनों ब्रह्मकमल बड़ी संख्या में होता है।

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    13 हजार से 15 हजार फीट ऊंचाई पर ब्रहमकमल पाया जाता है। भक्त वासुकीताल समेत केदारनाथ की ऊंची पहाड़ियों पर जाकर ब्रह्मकमल लेकर आ रहे हैं। सवान के सोमवार को भगवान को यह पुष्प चढ़ा रहे हैं।

    यहां तक कि 21 ब्रह्मकमल के फूलों की माला बनाकर चढ़ा रहे हैं। स्थानीय तीर्थपुरोहित व भक्त भी बड़ी संख्या में केदारनाथ धाम सावन के महीने में पहुंचे हुए हैं और भोले बाबा के ब्रह्मकमल चढ़ा कर पुण्य कमा रहे हैं।

    देवपुष्प और राज्य पुष्प है ब्रह्मकमल

    ब्रह्मकमल पुष्‍प उत्तराखंड का राज्य पुष्प है। इसे देवपुष्प भी कहते हैं। केदारनाथ धाम में ब्रह्मकमल से पूजा होती है। यह ब्रह्मकमल अधिक ऊंचाई पर रुद्रप्रयाग और चमोली जनपद में बहुतायत में पाया जाता है।

    मंगलवार को भी बंद रहेगी यमुनोत्री धाम यात्रा

    यमुनोत्री पैदल मार्ग का निर्माण अभी पूरा नहीं हो पाया है। मंगलवार को भी पैदल मार्ग निर्माण के चलते यमुनोत्री धाम की यात्रा बंद रहेगी। लोनिवि के अधिशासी अभियंता ने निर्माण पूरा किए जाने के लिए एक दिन का समय और मांगा है, जिसके बाद जिला प्रशासन ने उन्हें समय दे दिया है।

    बीती 30 जुलाई की सुबह को भारी वर्षा के कारण यमुनोत्री पैदल मार्ग भंगेली गाड़ के पास भूस्खलन होने से अवरुद्ध हुआ। राज्य आपदा मोचन बल की टीम ने किसी तरह से 411 तीर्थ यात्रियों को भूस्खलन जोन पार करवाया।

    30 जुलाई की शाम को पैदल मार्ग की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने दो दिन के लिए यमुनोत्री धाम की यात्रा पर रोक लगाई। साथ ही लोनिवि बड़कोट को शीघ्र पैदल मार्ग की मरम्मत करने के निर्देश जारी किए।

    31 जुलाई और एक अगस्त को लोनिवि की टीम ने भूधसाव वाले क्षेत्र में रास्ते का निर्माण किया। लोनिवि के अनुसार अभी कुछ कार्य अधूरा है, जिसे पूरा करने में एक दिन का समय और लगेगा। जिलाधिकारी अभिषेक रुहेला ने कहा कि पैदल रास्ते का निर्माण सही ढंग से हो सके, इसके लिए मंगलवार को भी यमुनोत्री धाम की यात्रा बंद रहेगी।