Kedarnath Gold Plate Controversy: भाजपा ने घोटाले के आरोपों पर कांग्रेस को घेरा, हिटो केदार की दिलाई याद
भाजपा प्रवक्ता बिपिन कैंथोला ने कहा कि केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह को स्वर्ण मंडित करने के मामले में कांग्रेस घृणित राजनीति कर रही है। कांग्रेस के पूर्व विधायक मनोज रावत द्वारा लगाए गए आरोप भ्रामक व तथ्यहीन हैं। श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा बिंदुवार जवाब दे दिया गया है। इसके बावजूद कांग्रेस नेता बेवजह के आरोप-प्रत्यारोप लगा कर केदारनाथ धाम की छवि को धूमिल करने का दुष्प्रयास कर रहे हैं।

देहरादून, जागरण टीम: भाजपा ने केदारनाथ में स्वर्णमंडन के कार्य में घोटाले का आरोप लगाने पर कांग्रेस के पूर्व विधायक मनोज रावत पर कई गंभीर आरोप लगाते कहा कि केदारनाथ आपदा और पर्यटन की योजनाओं में हुए घोटालों पर सही स्थिति जनता के सामने रखे। कहा कि धार्मिक स्थलों की छवि से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए।
प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता बिपिन कैंथोला ने कहा कि केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह को स्वर्ण मंडित करने के मामले में कांग्रेस घृणित राजनीति कर रही है। कांग्रेस के पूर्व विधायक मनोज रावत द्वारा लगाए गए आरोप भ्रामक व तथ्यहीन हैं। श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा बिंदुवार जवाब दे दिया गया है। इसके बावजूद कांग्रेस नेता बेवजह के आरोप-प्रत्यारोप लगा कर केदारनाथ धाम की छवि को धूमिल करने का दुष्प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह को स्वर्ण मंडित करने के आरोप का दस्तावेज या प्रमाण नहीं दिया है। केदारनाथ आपदा के समय आई राहत राशि में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने बंदरबांट की, आपदा पीड़ितों के हिस्से की धनराशि को गलत तरीके से खर्च किया गया।
‘हिटो-केदार’ अभियान के नाम पर लाखों रुपये दिए
बिपिन कैंथोला ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व विधायक मनोज रावत को तत्कालीन हरीश रावत सरकार द्वारा ‘हिटो-केदार’ अभियान के नाम पर लाखों रुपये दिए गए। आपदा के पैंसे को ट्रैकिंग के नाम पर लुटा दिया गया। गढ़वाल मंडल विकास निगम के माध्यम से माऊंटेनियर्स एंड ट्रैकर्स एसोसिएशन (माटा) नाम की एक संस्था को आनन- फानन में ट्रैकिंग अभियान संचालित करने का जिम्मा सौंप दिया गया।
माटा संस्था पर उठाए सवाल
कैंथोला ने कहा कि माटा संस्था का सोसायटी रजिस्ट्रार के यहां 22 सितंबर, 2016 को पंजीकरण किया गया और उसी माह इस संस्था को ट्रैकिंग अभियान संचालित करने की अनुमति दे गई। इस संस्था के अध्यक्ष कांग्रेस नेता मनोज रावत थे। इस प्रक्रिया में नियम-कानूनों का किसी प्रकार से पालन नहीं किया गया। इस संस्था के पास किसी प्रकार का अनुभव नहीं था। मनोज रावत की संस्था को किस आधार पर यह कार्य दिया गया, इसमें प्रतिभागियों का चयन किसने किया और वो कौन थे, ये कहीं स्पष्ट नहीं है।
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