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    'कहीं और नहीं हो सकता Kedarnath Dham', दिल्ली में केदारनाथ मंदिर निर्माण को लेकर उपजे विवाद पर बोले CM धामी

    Kedarnath Temple In Delhi Issue दिल्ली में भगवान श्री केदारनाथ के प्रतीकात्मक मन्दिर निर्माण के शिलान्यास को लेकर केदारनाथ धाम से लेकर केदारघाटी की क्षेत्रीय जनता में विरोध के स्वर शुरू हो गए हैं। वहीं इसके भूमि पूजन में शामिल होने के बाद विपक्ष को राजनीति करने का मौका भी मिल गया है। लेकिन उत्तराखंड सीएम ने मीडिया के सामने इस स्थिति को स्पष्ट कर दिया है।

    By kedar dutt Edited By: Riya Pandey Updated: Mon, 15 Jul 2024 10:52 PM (IST)
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    केदारनाथ मंदिर निर्माण को लेकर उपजे विवाद पर बोले CM धामी

    राज्य ब्यूरो, देहरादून। Kedarnath Temple In Delhi Issue: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में स्थित केदारनाथ धाम द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है। उसका एक ही स्थान है। दूसरे स्थान पर केदारनाथ धाम नहीं हो सकता।

    भाजपा की विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में भाग लेने आए मुख्यमंत्री धामी ने मीडिया से बातचीत में दिल्ली में केदारनाथ मंदिर के निर्माण को लेकर उपजे विवाद के बारे में पूछे जाने पर उक्त बात कही। उन्होंने कहा कि प्रतीकात्मक रूप में अनेक स्थानों पर मंदिर बने हैं, लेकिन वे धामों का स्थान नहीं ले सकते।

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    केदारनाथ मंदिर के भूमि पूजन में सीएम धामी भी हुए थे शामिल

    बता दें कि दिल्ली में श्रीकेदारनाथ धाम ट्रस्ट बुराड़ी के तत्वावधान में बनने वाले केदारनाथ मंदिर के भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी भी शामिल हुए थे।  दिल्ली में केदारनाथ मंदिर के निर्माण को विपक्ष कांग्रेस ने मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने में देर नहीं लगाई।

    यद्यपि, श्रीकेदारनाथ धाम ट्रस्ट बुराड़ी यह स्पष्ट कर चुका है कि दिल्ली में केदारनाथ धाम नहीं, बल्कि केदारनाथ मंदिर बन रहा है। इसका उत्तराखंड सरकार से कोई लेना-देना नहीं है। ट्रस्ट के अनुरोध पर ही मंदिर के भूमिपूजन में मुख्यमंत्री धामी शामिल हुए थे।

    तमाम स्थानों पर बनें हैं मंदिरों के प्रतीकात्मक

    ट्रस्ट का कहना है कि पूर्व में विभिन्न प्रतिष्ठित धामों व मंदिरों के प्रतीकात्मक मंदिर देश के तमाम स्थानों पर बने हैं। ऐसे में दिल्ली में केदारनाथ मंदिर निर्माण को विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। ट्रस्ट का आरोप है कि कुछ लोग इस विषय को बेवजह तूल देकर राजनीतिक रंग दे रहे हैं।

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