टीम जागरण, देहरादून : Independence Day 2022 President Police Medal : स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेश के आठ पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को विशिष्ट सेवाओं के लिए 'राष्ट्रपति का पुलिस पदक' एवं सराहनीय सेवाओं के लिए "पुलिस पदक" से सम्मानित किया जाएगा। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति अधिकारियों व कर्मचारियों को पदक देकर सम्मानित करेंगे।

विशिष्ट सेवा के लिए 'राष्ट्रपति का पुलिस पदक'

  • गिरिजा शंकर पाण्डे,पुलिस अधीक्षक, पुलिस दूरसंचार, नैनीताल।
  • तेजप्रकाश देवरानी,डीएसपी, सीबीआई, नई दिल्ली

सराहनीय सेवा के लिए 'पुलिस पदक'

  • कमल सिंह पंवार, पुलिस उपाधीक्षक, एसडीआरएफ।
  • विजय थापा, पुलिस उपाधीक्षक, उत्तराखंड हाईकोर्ट सुरक्षा, नैनीताल।
  • विजेंद्र दत्त डोभाल, अपर पुलिस अधीक्षक, टिहरी गढ़वाल।
  • शुक्रूलाल, दलनायक, 31वीं वाहिनी पीएसी, रुद्रपुर।
  • पूरन चंद्र पंत, उपनिरीक्षक विशेष श्रेणी, नागरिक पुलिस, सतर्कता सेक्टर, हल्द्वानी।
  • राम सिंह धामी, सिपाही सीबीआइ नई दिल्ली
  • दिनेश सिंह पुंडीर, आशुलिपिक सीबीआइ नई दिल्ली।

सभी पुलिसकर्मियों को स्वतंत्रता जयंती पदक

देश की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ यानी कि आजादी के अमृत महोत्सव पर राष्ट्रपति की ओर से इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस को स्मरणोत्सव मनाने के लिए भी पुलिस और अर्धसैनिक बलों को 75वीं स्वतंत्रता जयंती पदक प्रदान किया जाएगा।

यह पदक पुलिस बलों के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को दिया जाएगा। पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने उत्तराखंड पुलिस के प्रत्येक रैंक के समस्त कार्मिकों को प्राप्त होने वाले पदक के लिए बधाई दी है।

कई घोटालों की जांच कर चुके हैं डीएसपी देवरानी

सीबीआइ के पुलिस उपाधीक्षक तेजप्रकाश देवरानी ग्रेटर नोएडा भूमि घोटाला, देहरादून न्यायाधीश क्वार्टर घोटाला, गाजियाबाद पीएफ घोटाला, उत्तर प्रदेश के एनआरएचएम घोटाला और दिल्ली के आयकर रिफंड घोटाले की जांच कर चुके हैं। स्वतंत्रता दिवस पर देवरानी को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा।

इससे पहले उन्हें वर्ष 2016 में स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति की ओर से सराहनीय सेवाओं के लिए भारतीय पुलिस पदक से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा वर्ष 2013 और वर्ष 2018 में उत्कृष्ट जांच के लिए सीबीआइ दिवस पुरस्कार, 2019 में दक्षिण सूडान में शांति स्थापना के लिए संयुक्त राष्ट्र पुलिस पदक, आठ प्रशंसा पत्र 60 प्रशस्ति प्रमाण पत्र और 130 नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

तेजप्रकाश देवरानी मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल जनपद के यमकेश्वर ब्लाक स्थित ग्राम देवराणा के रहने वाले हैं, जबकि वर्तमान में वह देहरादून के अजबपुर कलां स्थित साकेत कालोनी में रहते हैं। वर्तमान में वह सीबीआइ, नई दिल्ली में डीएसपी (नीति) के पद पर तैनात हैं। उनकी पत्नी तृप्ति देवरानी देहरादून के कालसी ब्लाक स्थित राइंका कोठा में बतौर सहायक अध्यापिका तैनात हैं।

बलिदानी राकेश डोभाल को मिलेगा राष्ट्रपति वीरता पदक

जम्मू-कश्मीर के बारामुला क्षेत्र में नियंत्रण रेखा पर 13 नवंबर 2020 को वीरगति को प्राप्त हुए तीर्थनगरी के लाल बलिदानी राकेश डोभाल को मरणोपरांत वीरता के लिए राष्ट्रपति वीरता पदक (प्रिजीडेंट मेडल गेलेंट्री) के लिए चुना गया है। सेना की ओर से बलिदानी के स्वजन को यह सूचना दी गई। बलिदानी के स्वजन ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए इस पदक को बेटे की शहादत का सम्मान बताया।

ऋषिकेश के गणेश विहार गंगा नगर निवासी बलिदानी राकेश डोभाल बीएसएफ की तोपखाना यूनिट में उप निरीक्षक के पद पर तैनात थे। 13 नवंबर 2020 को जम्मू-कश्मीर के बारामुला क्षेत्र में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर से की गई गोलाबारी में राकेश डोभाल वीरगति को प्राप्त हो गए थे।

रविवार को आजादी का अमृत महोत्सव पर केंद्र सरकार की ओर से स्वतंत्रता दिवस पर पदकों की घोषणा की गई। जिसमें बीएसएफ के उप निरीक्षक राकेश डोभाल को वीरता के लिए राष्ट्रपति वीरता पदक देने की घोषणा की गई है। बलिदानी राकेश की पत्नी संतोषी को सेना की ओर से फोन करके इसकी सूचना दी गई। स्वजन को बेटे की शहादत पर नाज है।

ऋषिकेश निवासी बलिदानी राकेश डोभाल की शिक्षा-दीक्षा ऋषिकेश में हुई है। वह राजकीय महाविद्यालय ऋषिकेश में अच्छे एथलीट भी रहे हैं। घर में उनकी माता बिमला देवी, पत्नी संतोषी, 12 वर्षीय पुत्री दिती (मौली) तथा डेढ़ वर्षीय पुत्र अक्षत हैं। जबकि उनके दो भाई दिनेश व मयंक का परिवार देहरादून व दिल्ली में रहता है। दैनिक जागरण की टीम ने उनके घर पर जाकर उन्हें पदक मिलने की बधाई दी तो परिवार के सदस्यों ने इस पुरस्कार को लेकर खुशी जताई।

बलिदानी राकेश की माता बिमला डोभाल ने बताया कि राकेश बचपन से ही उत्साही युवक थे। वह हमेशा खेल-कूद और अन्य गतिविधियों में आगे रहता थे।उन्होंने कहा कि बेटे को राष्ट्रपति वीरता पदक मिलना हर्ष का विषय है, मगर बेटे की कमी हमेशा सालती रहेगी। बलिदानी राकेश की पत्नी संतोषी ने कहा कि उनके पति को वीरता के लिए राष्ट्रपति वीरता पदक दिया जा रहा है, यह गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि सेना की ओर से उन्हें सूचित किया गया है।

बलिदानी राकेश डोभाल को राष्ट्रपति वीरता पदक के लिए चुने जाने की सबसे अधिक खुशी उनकी पुत्री दिती (मौली) को है। मौली की आंखें जहां पिता की याद से नम हैं तो दूसरी ओर चमक भी है। दिती (मौली) उन साहसी बेटियों में एक है, जिसने पिता की तिरंग में लिपटे अपने पिता के पार्थिव शरीर को जयहिंद के उद्घोष के साथ अंतिम विदाई दी थी।

Edited By: Nirmala Bohra