विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तराखंड में बेरोजगारों को शून्य ब्याज दर पर मिलेगा इतने तक का लोन, जानिए

By Raksha PanthariEdited By:
Published: Wed, 18 Nov 2020 01:31 PM (IST)Updated: Wed, 18 Nov 2020 11:02 PM (IST)

दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत अब किसानों के साथ-साथ बेरोजगार युवाओं को भी शून्य ब्याज दर ...और पढ़ें

उत्तराखंड में बेरोजगारों को शून्य ब्याज दर पर मिलेगा इतने तक का लोन।
उत्तराखंड में बेरोजगारों को शून्य ब्याज दर पर मिलेगा इतने तक का लोन।

देहरादन, राज्य ब्यूरो। सहकारिता विभाग की दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत अब किसानों के साथ-साथ बेरोजगार युवाओं को भी शून्य ब्याज दर पर तीन लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत 21 नवंबर को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ऊधमसिंह नगर से करेंगे। इसके बाद हर जिले में कार्यक्रम आयोजित कर लाभार्थियों को ऋण वितरित किया जाएगा। 

विधानसभा स्थित कार्यलय में सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. धन सिंह रावत ने सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली। इसमें उन्होंने आगामी 21 नवंबर को मुख्यमंत्री के हाथों जनपद ऊधमसिंह नगर के किसानों के साथ-साथ बेरोजगार युवाओं को भी शून्य ब्याज दर पर तीन लाख रुपए तक के ऋण वितरण की तैयारियों लेकर अधिकारियों को दिशा निर्देश दिये। 

बैठक में दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना की प्रगति, बकाया ऋण वसूली, पैक्स कम्प्यूटराइजेशन और पैक्स कैडर सचिव सेवा नियमावली सहित जिला सहकारी बैंकों में रिक्त पदों को भरे जाने सहित कई महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा की गई। बैठक में सहकारिता ऋण के तहत एनपीए की दर पांच प्रतिशत से कम करने हेतु वित्तीय वर्ष 2018 तक के बकाया ऋण वसूली के लिए विभाग ने 25 नवंबर से 25 दिसंबर तक सघन अभियान चलाये जाने का फैसला लिया।

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड: शहरी निकायों और पंचायतों की जल्द तय होगी बजट में हिस्सेदारी

इस अभियान की विशेष बात यह है कि पहले जिन बैंक अधिकारियों द्वारा ऋण वितरण किया गया है। उन्हीं को ऋण वसूली की जिम्मेदारी दी गई है। अगर वो अधिकारी अपने द्वारा बांटे गये ऋण वसूली में असमर्थ रहता है तो उनकीप्रोन्नति सहित अन्य सुविधाएं रोक दी जाएंगी। यही नहीं उस अधिकारी को किसी अन्य बैंक शाखा की जिम्मेदारी भी नहीं दी जाएगी। यही नियम प्रदेश भर के सहकारी समितियों के सचिवों पर भी लागू होगा। उनके द्वारा पहले आंवटित ऋण वसूली के लिए एक माह का समय दिया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया दिए गए ऋण वसूली अभियान में सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी और सचिवों को भी शामिल किया जाएगा।

बैठक में अपर सचिव सहकारिता धीरेंद्र सिंह दताल, निबंधक सहकारिता बीएम मिश्रा, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, आनंद शुक्ला, उप निबंधक मान सिंह सैनी, महाप्रबंधक राज्य सहकारी बैंक केएस बिष्ट सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड: 98 हजार करोड़ की पर्यावरणीय सेवाएं, बखूबी समझा जा सकता है जंगलों का महत्व