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    IMA POP 2022 : अंतिम पग पार कर भारतीय सेना में शामिल हुए 314 युवा अधिकारी, आइएमए के नाम जुड़ा गौरव

    By Sukant mamgainEdited By: Nirmala Bohra
    Updated: Sat, 10 Dec 2022 10:00 AM (IST)

    IMA POP 2022 भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) में पासिंग आउट परेड आज हुई। परेड के बाद आयोजित होने वाली पीपिंग व ओथ सेरेमनी के बाद पासिंग आउट बैच के 344 जेंटलमैन कैडेट देश-विदेश की सेना में बतौर अफसर शामिल हो गए।

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    IMA POP 2022 : भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) में पासिंग आउट परेड आज।

    जागरण संवाददाता, देहरादून : IMA POP 2022 : भारतीय सैन्य अकादमी (आइएमए) में पासिंग आउट परेड आज हुई। सेना की मध्य कमान के जनरल आफिसर कमांडिंग इन चीफ ले. जनरल योगेन्द्र डिमरी ने बतौर रिव्यूइंग आफिसर परेड की सलामी ली।

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    वह शुक्रवार दोपहर को अकादमी पहुंच गए थे। इसके अलावा तमाम गणमान्य लोग, विदेशी मेहमान, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी व कैडेट के स्वजन भी इस दौरान मौजूद रहे।

    देश-विदेश की सेना में बतौर अफसर शामिल हुए 344 कैडेट

    बता दें, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे को रिव्यूइंग आफिसर के तौर पर परेड में शामिल होना था, पर ठीक एक दिन पहले उनका आना टल गया।

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    अकादमी के एतिहासिक चेटवुड भवन के सामने ड्रिल स्क्वायर पर सुबह परेड हुई। परेड के बाद आयोजित होने वाली पीपिंग व ओथ सेरेमनी के बाद पासिंग आउट बैच के 344 जेंटलमैन कैडेट देश-विदेश की सेना में बतौर अफसर शामिल हो गए।

    इनमें 314 युवा सैन्य अधिकारी भारतीय थलसेना को मिले। जबकि 30 युवा सैन्य अधिकारी ग्यारह मित्र देशों भूटान, मालद्वीव, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका, सूडान, तजाकिस्तान, तंजानिया, तुर्कमेनिस्तान, वियतनाम व उज्बेकिस्तान की सेना का अभिन्न अंग बने।

    अफगानिस्तान का कोई कैडेट परेड में नहीं

    दस साल में यह पहली बार है जबकि अफगानिस्तान का कोई कैडेट परेड में नहीं दिखा। अफगानिस्तान में तालिबान शासन लागू होने से ऐसा हुआ है।

    64 हजार 489 युवा सैन्य अधिकारी देने का गौरव जुड़ा

    कुल मिलाकर शनिवार को सैन्य अकादमी के नाम देश-विदेश की सेना को 64 हजार 489 युवा सैन्य अधिकारी देने का गौरव जुड़ गया है। इनमें मित्र देशों को मिले 2843 सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं।

    इन्हें मिला अवार्ड

    • स्वार्ड आफ आनर- पवन कुमार
    • स्वर्ण पदक - पवन कुमार
    • रजत पदक- जगजीत सिंह
    • रजत पदक टीजी - अभिषेक शर्मा
    • कांस्य पदक - सिरीपुरापु लिखित
    • चीफ आफ आर्मी स्टाफ बैनर-जोजिला कंपनी
    • सर्वश्रेष्ठ विदेशी कैडेट: अश्विन सिजदेल नेपाल

    समय चुनौतीपूर्ण, बदल रहा युद्ध का स्वरूप: डिमरी

    सेना की मध्य कमान के जीओसी इन सी ले. जनरल योगेंद्र डिमरी ने युवा सैन्य अधिकारियों से आह्वान किया कि वह परंपरागत ही नहीं, बल्कि गैर परंपरागत युद्ध के लिए भी तैयार रहें। उन्होंने कहा कि यह समय अत्यंत चुनौतीपूर्ण है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नैनो प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलाजी और एज कंप्यूटिंग का दौर है। ऐसे में युद्ध का स्वरूप भी बदल रहा है। इसमें व्यापकता और विïविधता आई है।

    खतरे कई गुना बढ़ गए हैं। युद्ध समुद्र, जमीन और हवा तक सीमित नहीं रहा। साइबर जगत से लेकर अंतरिक्ष जैसे तमाम क्षेत्रों में भी चुनौतियां बढ़ी हैं। उसी अनुरूप इन विपरीत परिस्थितियों से निपटने की आवश्यकता भी बढ़ी है। याद रखिए कि भविष्य का युद्ध क्षेत्र चाहे कितना भी विकसित क्यों न हो, प्रभावी नेतृत्व के लिए व्यक्तिगत क्षमता और गुण ही महत्वपूर्ण रहते हैं।

    ले. जनरल डिमरी शनिवार को आइएमए में पासिंग आउट परेड में बतौर रिव्यूइंग आफिसर (निरीक्षण अधिकारी) शामिल हुए। परेड के बाद उन्होंने युवा सैन्य अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर भारतीय सेना की अपनी अलग पहचान है।

    सेना की इस परंपरा को बनाए रखने की जिम्मेदारी युवा अफसरों की है। युवा सैन्य अधिकारियों से पूरी निष्ठा, लगन और समर्पण के साथ देश की सेवा करने का आह्वान भी उन्होंने किया। विदेशी कैडेट को भी प्रशिक्षण पूरा करने की बधाई देते हुए कहा कि यहां उन्होंने न केवल जीवनभर के लिए दोस्त बनाए हैं, बल्कि अपने देश का भी बहुत अच्छे ढंग से प्रतिनिधित्व किया।

    उन्होंने कहा कि आइएमए में विकसित एकजुटता का यह भाव दुनिया के सामने आने वाली वैश्विक चुनौतियों का सामना करने और उनसे निपटने में कारगर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि युवा अफसरों को हर क्षेत्र में पारंगत होकर सामने खड़ी हर चुनौती से पार पाना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ज्ञान और सीखने की कोई सीमा नहीं होती है।