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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 30, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अगर आपके परिवार में सभी को है खांसी-जुकाम तो सभी सदस्यों की होगी कोरोना जांच

By Sunil NegiEdited By:
Published: Thu, 30 Dec 2021 11:51 AM (IST)

स्वास्थ्य महानिदेशक डा. तृप्ति बहुगुणा ने निर्देश दिए हैं कि परिवार में किसी को सर्दी-जुकाम है तो संबंधित परिवार के ...और पढ़ें

स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण से बचाव व नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण से बचाव व नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

जागरण संवाददाता, देहरादून। राज्य में कोरोना संक्रमण का बढ़ता दायरा व ओमिक्रोन वैरिएंट की दस्तक के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण से बचाव व नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक डा. तृप्ति बहुगुणा ने निर्देश दिए हैं कि किसी परिवार में सर्दी-जुकाम के मरीज अधिक संख्या में आ रहे हैं तो संबंधित परिवार के सभी सदस्यों की कोविड जांच कराई जाए। उन्हें कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करने के लिए जागरूक किया जाए और सार्वजनिक स्थानों पर जाने के लिए मना किया जाए। इस प्रकार के परिवार में बच्चों की विशेष देखभाल की जानी चाहिए।

स्वास्थ्य महानिदेशक ने बुधवार को बाल रोग विशेषज्ञों की प्रमुख संस्था इंडियन एसोसिएशन आफ पीडियाट्रिक्स के साथ महामारी की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर आवश्यक तैयारियों को लेकर विचार-विमर्श किया। वर्चुअल बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशक ने बच्चों के कोरोना संक्रमित होने की दशा में उपचार की रणनीति के बारे में बाल रोग विशेषज्ञों से सुझाव लिए। पीडियाट्रिक आइसीयू व बच्चों के उपचार के लिए सरकारी व निजी अस्पतालों के स्तर पर तैयारियों के बारे में जरूरी निर्देश दिए। स्वास्थ्य महानिदेशक का कहना है कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं कोविड-19 के नए वैरिएंट ओमिक्रोन पर नियंत्रण के लिए पूर्ण रूप से तैयार हैं। कहा कि इससे निपटने के लिए सरकारी व निजी अस्पतालों को आपसी तालमेल व समन्वय के साथ कार्य करना होगा।

उन्होंने कहा कि बाल रोग विशेषज्ञ अपनी नियमित ओपीडी के माध्यम से माता-पिता को ओमिक्रोन वैरिएंट से सावधान व सतर्क रहने के बारे में अवश्य बताएं और मास्क पहनने, भीड़भाड़ में न जाने व अन्य कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करने के बारे में अपील की जाए।

इस दौरान दून मेडिकल कालेज चिकित्सालय के बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डा. अशोक कुमार, आइएपी की सचिव डा. तन्वी खन्ना, डा. आलोक सेमवाल, हल्द्वानी मेडिकल कालेज की प्रो. रितु रखोलिया, हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट के बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डा. बीपी कालरा, डा. अभिषेक ऐरन आदि उपस्थित रहे।