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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जान पर भारी न पड़ जाए यह सड़क पर खोदा गड्ढा

By JagranEdited By:
Published: Thu, 24 Feb 2022 07:38 PM (IST)

प्रतीतनगर- रायवाला में पेयजल की नई पाइप लाइन लीकेज होने से पानी लगातार सड़क पर बह रहा है। वहीं कई ...और पढ़ें

जान पर भारी न पड़ जाए यह सड़क पर खोदा गड्ढा
जान पर भारी न पड़ जाए यह सड़क पर खोदा गड्ढा

संवाद सूत्र, रायवाला : प्रतीतनगर- रायवाला में पेयजल की नई पाइप लाइन लीकेज होने से पानी लगातार सड़क पर बह रहा है। वहीं कई जगहों पर लीकेज को दुरुस्त करने के लिए खोदे गए गड्ढों का भरान नहीं हुआ है। प्रतीतनगर में 15 दिन पहले बीच सड़क पर खोदा गया गड्ढा किसी राहगीर की जान पर भारी पड़ सकता है, लेकिन जिम्मेदार बेपरवाह बने हुए हैं।

रायवाला व प्रतीतनगर की सड़कों पर तमाम जगह खोदे गए गड्ढों के आस-पास सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। इनमें उलझकर अब तक कई दोपहिया वाहन चालक रपट कर चोटिल हो चुके हैं। इन गड्ढों की गहराई काफी होने से रात में इसमें मवेशियों के गिरने का खतरा भी बना रहता है। प्रतीतनगर में सत्येश्वरी स्कूल के पास खोदे गए गड्ढे में बुधवार रात को एक सियार गिर गया। गुरुवार सुबह सूचना पर पहुंचे वन कर्मियों ने उसे रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा। बता दें कि अ‌र्द्धनगरीय पेयजल योजना के तहत 18.90 करोड़ रुपये की लागत से रायवाला, प्रतीतनगर व खांडगांव में पेयजल लाइन बिछाने व ओवरहैड टैंक बनाने का कार्य कराया गया, लेकिन गुणवत्ता की कमी के चलते पेयजल लाइन तमाम जगहों से लीकेज है।

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एनओसी पर उठाए सवाल

रायवाला के ग्राम प्रधान सागर गिरि ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर लोक निर्माण विभाग की ओर से रोड कटिग के लिए जल संस्थान को दी गई एनओसी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सड़कें ग्राम पंचायत के क्षेत्र में हैं। लोक निर्माण विभाग केवल कार्यदाई संस्था है, जब इन सड़कों से अतिक्रमण हटाने की बारी आती है तो विभाग हाथ खड़े कर देता है। दूसरी तरफ लोनिवि ग्राम पंचायत क्षेत्र की सड़कों की खोदाई के लिए जल संस्थान को किस आधार पर एनओसी दे रहा है। यह एनओसी रद होनी चाहिए, क्योंकि जल संस्थान की कार्यशैली की वजह से तमाम सड़कें जर्जर हो गई हैं। घरों में पानी घुस रहा है। शिकायत के बावजूद अधिकारी यहां झांकने को तैयार नहीं है, जिसका खामियाजा जनता भुगत रही है।