यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Driver Strike: बवाल थमा पर हड़ताल से चरमराई व्यवस्था, आसमान पर फल-सब्जियों की कीमत; ये है पेट्रोल-डीजल का हाल
Hit And Run Law हिट एंड रन के मामलों में कड़ी सजा के प्रविधान को लेकर फिलहाल विरोध थम गया ...और पढ़ें

HighLights
- हड़ताल के दूसरे दिन भी अधिकतर शहरों में वाहनों के लिए भटकते रहे यात्री
- फल-सब्जी, पेट्रोल-डीजल समेत कई वस्तुओं की आपूर्ति भी रही प्रभावित
- सरकार ने दिए वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश, वाहन चलाने वालों को मिलेगी सुरक्षा
जागरण संवाददाता, देहरादून। हिट एंड रन के मामलों में कड़ी सजा के प्रविधान के विरोध में वाहन चालकों की हड़ताल का दूसरे दिन भी उत्तराखंड में व्यापक असर रहा। ज्यादातर क्षेत्रों में यात्री वाहनों के लिए भटकते रहे। जबकि, फल-सब्जी से लेकर पेट्रोल-डीजल आदि की आपूर्ति प्रभावित रही।
देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर से लेकर कई प्रमुख शहरों में व्यवस्था पटरी से उतरी रही। उधर, शासन-प्रशासन के साथ वार्ता के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। शासन ने सभी जिलों में वैकल्पिक व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं। वाहनों का संचालन करने वालों को सुरक्षा प्रदान करने को कहा गया है।
पेट्रोल पंपों पर लग गई गाड़ियों की कतार
चालकों की हड़ताल के कारण यात्री व मालवाहक वाहनों का संचालन ठप रहा। जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं कई वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित रही। ज्यादातर शहरों से डीजल-पेट्रोल के संकट की सूचनाएं आती रहीं। ऐसे में सुबह से ही निजी वाहनों की कतारें पेट्रोल पंपों पर लग गईं।
फल-सब्जियों की आपूर्ति न हो पाने से दामों में बढ़ोतरी हो गई। इस बीच परिवहन निगम की कुछ बसों का संचालन होने से थोड़ी राहत रही, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में यात्रियों को बैरंग लौटना पड़ रहा है।
रसोई गैस की भी नहीं हो सकी आपूर्ति
हल्द्वानी व रुद्रपुर से पहाड़ व दूसरे शहरों के लिए शाम करीब पांच बजे के बाद दर्जन भर अनुबंधित बसें ही रवाना की जा सकीं। रुड़की में चालकों की हड़ताल के कारण रसोई गैस की आपूर्ति नहीं हो सकी।
करीब चार हजार उपभोक्ता दिनभर घर पर सिलिंडर के आने का इंतजार करते रहे। हरिद्वार जिले में शहर से लेकर देहात तक के सभी पेट्रोल पंपों पर डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति पूरी तरह से बंद हो गई।
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