जागरण संवाददाता, देहरादून। Uttarakhand Weather Update: उत्‍तराखंड में मानसून जाते जाते कहर बरपा रहा है। चमोली जनपद के नारायणबगड़ विकासखंड के पंती गांव में बादल फटने से कई घरों को नुकसान पहुंचा। खालगाड गदेरे में भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने से भारी तबाही हुई। आपदा में एक युवती घायल भी हुई, जिसका उपचार कराया जा रहा है। देहरादून और मसूरी में देर रात से दिनभर रुक रुककर मूसलधार बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। इससे सड़क पर खडी दो बाइक पहाड़ी से आए मलबे में दब गई। वहीं, आवासीय मकानों में भी मलबा घुस गया है। उधर, भूस्‍खलन से कर्णप्रयाग ग्वालदम हाईवे भी बंद हो गया है। वहीं, दूसरी ओर ऋषिकेश की चंद्रभागा नदी अचानक उफान पर आ गई। इससे चंद्रभागा पुल के नीचे खड़े लोडर वाहन वहां फंस गए। मौसम विभाग ने आज से चार दिन देहरादून व नैनीताल समेत पांच जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई हुई है।

उत्तराखंड में मानसून की बारिश जारी है। हालांकि, बारिश के साथ ही चटख धूप भी खिल रही है। देहरादून समेत कई इलाकों में रोजाना बारिश के एक से दो दौर जारी हैं। इससे रात को हल्की ठंड भी महसूस की जाने लगी है। फिलहाल, प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में भूस्खलन का सिलसिला भी धीमा हो गया है। इससे आवाजाही सुचारू हो गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक सोमवार से गुरुवार तक देहरादून, नैनीताल, पौड़ी, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। जबकि अन्य क्षेत्रों में गरज के साथ बौछार पड़ने की आशंका है।

सुबह करीब छह बजे नारायणबगड़ विकासखंड के पंती गांव के समीप भारी बारिश के दौरान बादल फटा। जिससे खालगाड गदेरे में भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आने से कर्णप्रयाग-ग्वालदम मोटर मार्ग के खड्ड साइड में बनी बीआरओ के मजदूरों की झोपडिय़ों में मलबा भर गया। कुछ झोपड़ियां बह गईं। पंती गांव में खड़े 11 वाहन भी मलबे में दब गए। प्रशासन की टीम ने मौके का मुआयना किया है। इस घटना में में 20 वर्षीय सुरजीकला निवासी नेपालगंज, नेपाल और हाल निवासी पंती घायल हो गई।

ऋषिकेश में चंद्रभागा नदी में फंसे लोडर वाहन

ऋषिकेश के नगर तथा आसपास क्षेत्र में रविवार की रात से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गंगा की सहायक नदी में जलस्तर काफी बढ़ गया है। चंद्रभागा नदी जिसे बरसाती नदी कहा जाता है, अचानक सोमवार की अल सुबह उफान पर आ गई। चंद्रभागा पुल के नीचे नदी के सूखे क्षेत्र में कई लोग अपने लोडर वाहन खड़ा करते हैं। सामान्य दिनों में नदी का यह तट लोडर वाहनों के लिए पार्किंग के रूप में प्रयुक्त होता है। रविवार की रात तक नदी में पानी कम था। किनारे पर पानी ना होने के कारण यहां कुछ लोग ने अपने लोडर वाहन खड़े किए थे। सोमवार की सुबह चंद्रभागा नदी का पानी दोनों किनारों को छूकर बह रहा है। ऋषिकेश बाजार से सटे पुल के नीचे वाले किनारे पर कई वाहन पानी में डूब गए हैं। वाहन स्वामी और चालक पानी के कम होने का इंतजार कर रहे हैं। चंद्रभागा नदी का जलस्तर बढ़ने चेक गंगा के जलस्तर में भी आर्थिक वृद्धि हुई है।

यह भी पढ़ें:- उत्तराखंड: अनियमित बारिश ने बिगाड़ा मानसून का 'गणित', सितंबर में सामान्य से अधिक बरस रहे बादल

Edited By: Sunil Negi