राज्य ब्यूरो, देहरादून। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए उत्तराखंड सरकार एक बार फिर सक्रिय हो गई है। सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकों के 379 पदों पर भर्ती करने का निर्णय लिया है। इसमें 120 पद इंटेंसिव केयर यूनिट (आइसीयू) के डाक्टरों के हैं।

प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार एक बार फिर सक्रिय हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने भी इसे देखते हुए डाक्टरों की कमी को दूर करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। प्रदेश में डाक्टरों के 2735 पद स्वीकृत हैं। इनमें से तकरीबन 2300 पद भरे हुए हैं। अब शेष पदों को भरने की लेकर कदम बढ़ाए जाने हैं। इसके लिए 379 पदों की भर्ती के लिए चिकित्सा सेवा चयन आयोग को अधियाचन भेजा जा रहा है। इनमें 120 पद आइसीयू डाक्टरों के लिए हैं।

दरअसल, कोरोना संक्रमण के बाद प्रदेश में आइसीयू की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। पहले प्रदेश में 116 आइसीयू बेड थे, अब इनकी संख्या 1500 से अधिक है। आइसीयू में हमेशा ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की जरूरत होती है। इसके साथ ही शेष रिक्त पदों को भरने के लिए भी प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। मकसद यह कि संक्रमण बढऩे की सूरत में अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी को दूर किया जा सके।

अशासकीय विद्यालयों में भर्ती जारी रखने के आदेश

प्रदेश के सभी सहायताप्राप्त अशासकीय विद्यालयों में प्रधानाचार्य व शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी रहेगी। शिक्षा अपर सचिव दीप्ति सिंह ने इस संबंध में शिक्षा महानिदेशक को आदेश जारी किया है। सरकार ने बीते माह आदेश जारी कर सभी अशासकीय प्राथमिक, जूनियर व माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्यों, प्रवक्ता व सहायक अध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया पर लगाई रोक हटा दी थी।

नियुक्ति पर रोक हटाने से संबंधित आदेश में नई भर्ती पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई गई है। शासन को जानकारी मिली है कि कुल जिलों में मुख्य शिक्षाधिकारियों ने नई भर्ती की विज्ञप्ति जारी करने की अनुमति दी है, जबकि कुल जिलों में यह अनुमति नहीं दी गई है। शासन ने भर्ती प्रकिया जारी रखने और आदेश के अनुसार कार्यवाही के निर्देश महानिदेशक के साथ ही प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा निदेशकों को भी दिए हैं।

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Edited By: Raksha Panthri