हरदा की सैलजा से मुलाकात, कांग्रेस हाईकमान ने दिया संगठनात्मक अनुशासन का संदेश
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपनी जनसंवाद यात्रा पर हाईकमान की आपत्ति के बाद दिल्ली में प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो जागरण, देहरादून। अपनी धन्यवाद और जनसंवाद यात्रा को लेकर कांग्रेस हाईकमान के निशाने पर आए वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ‘हरदा’ की आखिरकार शुक्रवार को दिल्ली में पार्टी की उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा से मुलाकात हो गई। सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान प्रदेश प्रभारी ने संगठनात्मक अनुशासन का संदेश देते हुए कहा कि पार्टी संगठन से बड़ा कोई नहीं है।
व्यक्तिगत कार्यक्रमों के बजाय कांग्रेस संगठन की ओर से घोषित कार्यक्रमों में भागीदारी को सभी प्राथमिकता दें। उधर, मुलाकात के बाद हरदा ने इंटरनेट मीडिया में पोस्ट जारी कर उम्मीद जताई कि राज्य में लोकतंत्र बचाने की लड़ाई में पार्टी उनकी सेवाओं का उपयोग करेगी।बीमारी से उबरने के बाद हरदा ने हाल में पहले हरिद्वार और फिर पांच अक्टूबर को कुमाऊं में काशीपुर से हल्द्वानी तक धन्यवाद व जनसंवाद यात्रा की थी।
कुमाऊं की यात्रा के दौरान अलग-अलग स्थानों पर पार्टी के सात विधायक भी शामिल हुए। यद्यपि, इससे पहले कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा और राष्ट्रीय महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल ने हरदा की यात्रा पर कड़ी आपत्ति जताई थी।
साथ ही स्पष्ट किया था कि व्यक्तिगत कार्यक्रमों की इजाजत नहीं दी जा सकती। राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत सभी अभियान राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाए जाएंगे। बावजूद इसके हरदा ने पांच अक्टूबर को यात्रा निकाली थी।
इसके साथ ही हरदा को दिल्ली बुलाया गया। यद्यपि, हरदा का दावा है कि उन्हाेंने स्वयं ही पार्टी हाईकमान से मिलने का समय मांगा था। इस कड़ी में हरदा की सात अक्टूबर को दिल्ली में प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा और आठ अक्टूबर को राष्ट्रीय महासचिव संगठन वेणुगोपाल से मुलाकात होनी थी, लेकिन यह नहीं हो पाई।
शुक्रवार को हरदा की प्रदेश प्रभारी सैलजा से उनके आवास पर मुलाकात हुई। उधर, मुलाकात के बाद हरदा ने इंटरनेट मीडिया में अपनी बात रखते हुए कहा कि प्रदेश प्रभारी से कई विषयों पर बातचीत हुई। हम सबका एक ही उद्देश्य है कि पार्टी मजबूत हो और 2027 में हम राज्य में परिवर्तन ला सकें।
एक बात दिन के उजाले की तरह स्पष्ट है कि राज्य और राज्यवासियों के सम्मुख समय-समय पर जो चुनौतियां आएंगी, उनके समाधान को आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लोकतंत्र बचाने की बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं और हमें इस लड़ाई के संदेश के साथ प्रत्येक व्यक्ति को जोड़ना है। उम्मीद है इस अभीष्ट साधन के लिए राज्य में पार्टी उनकी सेवाओं का उपयोग करेगी।
