राज्‍य ब्‍यूरो, देहरादून। Haridwar Kumbh 2021 कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों के बीच हरिद्वार में अगले साल होने वाले कुंभ के स्वरूप को लेकर सरकार भी असमंजस में है। हालांकि, कुंभ मेले की अवधि 48 दिन करने का प्रस्ताव हैै, लेकिन इसका स्वरूप कैसा रहेगा, इस पर फरवरी में कुंभ की अधिसूचना जारी होने के बाद ही तस्वीर साफ हो पाएगी। इससे पहले सरकार कुंभ के स्वरूप को लेकर अखाड़ा परिषद के साथ ही संत महात्माओं से विचार-विमर्श करेगी।

राज्य सरकार की ओर से हरिद्वार में कुंभ के दिव्य-भव्य आयोजन के हिसाब से तैयारियां की जा रही हैं, लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों ने सरकार की पेशानी पर बल डाले हुए हैं। सबसे बड़ी चिंता कोरोना की रोकथाम की ही है। हालांकि, इसके लिए इसी हिसाब से तैयारियां की जा रही हैं, मगर लाखों की संख्या में उमडऩे वाली भीड़ के लिए कोविड के मद्देनजर व्यवस्थाएं जुटाना आसान भी नहीं है। इस सबको देखते हुए कुंभ मेले की अवधि 48 दिन करने का प्रस्ताव किया गया है, जिस पर अभी सरकार को फैसला लेना है। उधर, सरकार के प्रवक्ता एवं शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सरकार फरवरी में हरिद्वार कुंभ मेले की अधिसूचना जारी करेगी। इससे पहले कोविड की परिस्थितियों समेत अन्य तमाम बिंदुओं पर संत-महात्माओं से विचार विमर्श किया जाएगा। संतों के मार्गदर्शन के आधार पर ही आगे के निर्णय लिए जाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कुंभ की तैयारियां पूरी हैं। कोरोना से बचाव के दृष्टिगत हरिद्वार में हजार बेड का अस्थायी कोविड केयर सेंटर समेत अन्य व्यवस्थाएं जुटाई जा रही हैं।

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Edited By: Raksha Panthari