देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा है कि उनकी सरकार से कोई नाराजगी नहीं है। वे एक जरूरी काम से बाहर थे, इसलिए कैबिनेट की बैठक में शामिल नहीं हो पाए। 

कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के कैबिनेट बैठक में उपस्थित न होने पर सवाल उठे थे। इसे उनकी सरकार से नाराजगी के रूप में जोड़ कर देखा गया। हालांकि, कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने इससे इन्कार किया है।

विधानसभा में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि उनकी कैबिनेट बैठक से अनुपस्थिति को गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। 

उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की कमी पूर्ववर्ती सरकार में भी रही है। कोटद्वार में डॉक्टरों की कमी पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी के कार्यकाल के दौरान भी रही है। विधायक होने के नाते वे व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहते हैं। इसके लिए अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य व महानिदेशक स्वास्थ्य को समय-समय पर दिशा-निर्देश भी देते हैं। चूंकि कोटद्वार अस्पताल केवल वहीं के लिए नहीं बल्कि गढ़वाल के लोगों के लिए भी अहम है, इसलिए वे डॉक्टरों की कमी की बात उठा रहे हैं। 

मुख्यमंत्री कार्यालय में लंबित फाइलों को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि वे निजी फाइलें नहीं हैं, विभागीय फाइलें हैं। ऐसे में उनकी नाराजगी का कोई सवाल नहीं है।

यह भी पढ़ें: कांग्रेस ने शराब, भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था के मसले पर सरकार पर बोला हमला

यह भी पढ़ें: मंत्रीमंडल विस्तार में लंबी होती जा रही इंतजार की घड़ियां

यह भी पढ़ें: दूसरों को दिखाने को नहीं, खुद को संतुष्ट करने को करें काम: संतोष गंगवार 

Posted By: Bhanu

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस