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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 20, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तराखंड कांग्रेस: संगठन में पैठ को लेकर बढ़ी खींचतान

By BhanuEdited By:
Published: Thu, 20 Jul 2017 11:46 AM (IST)Updated: Thu, 20 Jul 2017 08:40 PM (IST)

कांग्रेस की ब्लॉकों, जिलों से लेकर प्रदेश स्तर पर नई सांगठनिक इकाइयों के चुनाव में तेजी आने के साथ ही दिग्गज नेताओं में खींचतान बढ़ती दिखाई पड़ सकती है।

उत्तराखंड कांग्रेस: संगठन में पैठ को लेकर बढ़ी खींचतान
उत्तराखंड कांग्रेस: संगठन में पैठ को लेकर बढ़ी खींचतान

देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: कांग्रेस की ब्लॉकों, जिलों से लेकर प्रदेश स्तर पर नई सांगठनिक इकाइयों के चुनाव में तेजी आने के साथ ही दिग्गज नेताओं में खींचतान बढ़ती दिखाई पड़ सकती है। बीते दिनों दिग्गज नेताओं के बीच मनमुटाव के पीछे संगठन पर मजबूत पकड़ को लेकर छटपटाहट को भी बड़ी वजह माना जा रहा है। 

हालांकि, प्रदेश संगठन के नए मुखिया के तौर पर प्रीतम सिंह इस मामले में सावधानी बरत रहे हैं, लेकिन क्षत्रपों को साधने में उन्हें खासी मशक्कत करनी पड़ सकती है। 

विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस बढ़े मनोबल के साथ प्रदेश में नए सिरे से संगठन को खड़ा करने पर जोर दे रही है। राज्य में ब्लॉकों और जिलों में पार्टी इकाइयों के गठन की कवायद चल रही है।

हालांकि, पार्टी सदस्यता अभियान शुरू होने के साथ ही निचले स्तर पर इकाइयों में पैठ मजबूत करने की मुहिम में वरिष्ठ नेता जुटे हैं। अब निचली इकाइयों में अपने चहेतों और समर्थकों को तरजीह दिलाने के लिए दांव-पेचों का इस्तेमाल जोर पकड़ने लगा है। पार्टी सूत्रों की मानें तो इसे लेकर पार्टी क्षत्रपों में अंदरखाने में खींचतान तेज हो चुकी है। 

संगठन में निचले स्तर से पकड़ मजबूत होने का असर जिलों और प्रदेश स्तर पर इकाइयों में मजबूत पैठ बनाने में मददगार साबित होगा। इसे लेकर जिलों और महानगरों की नई इकाइयों पर भी नजरें गड़ी हुई हैं।

राज्य में कांग्रेस पार्टी के 274 सांगठनिक ब्लॉक हैं। ब्लॉक इकाइयों के गठन के लिए बूथ स्तर पर चुनाव होंगे। बूथ स्तर से एक डेलीगेट ब्लॉक के लिए भेजा जाएगा। ब्लॉक इकाई जिले के लिए छह और प्रदेश कार्यकारिणी के लिए एक डेलीगेट का चुनाव करेगी। 

ब्लॉक इकाइयों के बाद आगामी सितंबर माह तक जिला इकाइयों का गठन की प्रक्रिया पूरी की जानी है। सूत्रों की मानें तो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की बीते दिनों नाराजगी के पीछे भी यही खींचतान एक वजह रही है। 

प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के सामने सांगठनिक चुनाव में दिग्गजों से तालमेल बिठाने की चुनौती है। हालांकि, पार्टी हाईकमान खुद इसतरह की चुनौती को लेकर अलर्ट है। यही वजह है कि राज्य में चुनाव के लिए प्राधिकरण का गठन किया गया है। प्राधिकरण की देखरेख में ही निचली इकाइयों का गठन होना है। 

गोवा के सीएम ने किया गो माता का अपमान

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रीकर के गोवा में बीफ की कमी नही होने देने के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि एक ओर भाजपा नेता गो रक्षा की पैरोकारी करते हैं और वहीं दूसरी ओर उनके गृह राज्यमंत्री किरन रिजिजू और मुख्यमंत्री मनोहर पर्रीकर ने बीफ को लेकर आपत्तिजनक बयान देकर हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करने का काम किया है। 

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