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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 22, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सरकार ने टेली मेडिसिन सेवा के साथ वर्चुअल ओपीडी भी की शुरू

By Sunil NegiEdited By:
Published: Thu, 22 Apr 2021 08:45 AM (IST)

प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने चिकित्सक आपके द्वार सेवा की शुरुआत की है। इसके ...और पढ़ें

सरकार ने टेली मेडिसिन सेवा के साथ वर्चुअल ओपीडी भी की शुरू।
सरकार ने टेली मेडिसिन सेवा के साथ वर्चुअल ओपीडी भी की शुरू।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने चिकित्सक आपके द्वार सेवा की शुरुआत की है। इसके जरिये प्रदेश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को भी घर बैठे ही विशेषज्ञ चिकित्सकों से स्वास्थ्य संबंधी परामर्श मिल सकेगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने टोल फ्री नंबर 104 जारी किया है। इसके साथ ही वाट्सएप नंबर 9412080622 पर वीडियो काल अथवा इंटरनेट काल के जरिये भी चिकित्सकों से परामर्श लिया जा सकता है। वर्चुअल ओपीडी रोज सुबह नौ बजे से लेकर शाम छह बजे तक चलेगी।

प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण कई अस्पतालों की ओपीडी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इससे मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने अब टेलीमेडिसन सेवा के साथ ही वर्चुअल ओपीडी शुरू करने का निर्णय लिया है। सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने बताया कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के निर्देश पर यह सेवा शुरू की जा रही है। इसका मुख्य मकसद कोरोना संक्रमण की वजह से होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को चिकित्सीय परामर्श देना है।

उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमितों के अलावा अन्य मरीजों को भी टेलीमेडिसन सेवा के जरिये घर बैठे मुफ्त परामर्श मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि टेलीमेडिसन सेवा के साथ ही प्रदेश के प्राइवेट अस्पतालों के 12 विशेषज्ञ चिकित्सक भी परामर्श दे रहे हैं। राज्य सरकार की इस पहल का मकसद दूरस्थ इलाकों में रहने वालों को विशेषज्ञ चिकित्सकों के जरिये स्वास्थ्य परामर्श देना है। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन व वाट्सएप नंबर के साथ ही www.esanjeevaniopd.in/register के माध्यम से भी इस सेवा का लाभ लिया जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि ई-संजीवनी वर्चुअल ओपीडी के जरिए ह्रदय रोग विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ, नेत्र विशेषज्ञ, प्रसूति रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ के अलावा फिजीशियन का चिकित्सकीय परामर्श लिया जा सकेगा।

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